🗨️ टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़ रायगढ़ शहर में पिछले 2 माह से मल्टीनेशनल ब्रांड की बीयर एवं व्हिस्की की आवक ना होने की वजह से शहर की बीयर बारों बड़ी होटलों के द्वारा चांदी काटी जा रही है। शहर की शराब दुकानों में अच्छे ब्रांड की मदिरा व्हिस्की नहीं मिल रही है इसके बावजूद मयखानों में सभी ब्रांड उपलब्ध है। जिसे परोस कार ग्राहकों की जेब काटी जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीयर बारों, बड़ी होटलों में रायगढ़ जिले की सीमा से सटे महज 17 किलोमीटर दूर स्थित ओडिशा प्रदेश की मदिरा एवं बियर लाकर मनमानी कीमत पर बेची जा रही है। ओडिशा की मदिरा रायगढ़ में आने की वजह से छत्तीसगढ़ सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा है। शराब बियर लाने का खेल आबकारी विभाग की सरपरस्ती पर खेला जा रहा है। सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि कनकपुरा में प्रदेश आबकारी नियंत्रण कक्ष खोला गया है, किंतु वहां पर ओडिशा मार्ग से छत्तीसगढ़ आने वाले दुपहिया, चार पहिया वाहनों की जांच पड़ताल नहीं की जाती है। वहीं अन्य मार्गो मेडिकल कॉलेज मार्ग, शकरबोगा मार्ग से मदिरा की आपूर्ति निरंतर बनी हुई है। जहां आबकारी पुलिस विभाग के कर्मचारी ना होने की वजह से विदेशी शराब तस्करों की बल्ले बल्ले हो गई है।
रेंगलपाली, कनकपुरा स्थित ओडिशा की विदेशी शराब दुकान से लग्जरी कारों में शराब बीयर की पेटियां भर कर लाई जा रही है। जिसे हमारे संवाददाता के द्वारा अपनी आंखों से देखा गया है।
ओडिशा मार्ग हाईवे ढाबा, मां काली ढाबा, आदि सभी ढाबों में ओडिशा पुलिस के संरक्षण में खुलेआम शराब परोसी जाती है। जिस का लुफ्त उठाने के लिए रायगढ़ के बिगड़ैल नवाबजादे, रईसजादे, सफेदपोश लोग, राजनीतिक लोग,समाजसेवी कहलाने वाले इन ढाबों मैं बैठकर छक्ककर शराब पिया करते हैं साथ ही चिकन, मांस ,मटन, मछली, भक्षण किया करते हैं। यदि रायगढ़ जिला की पुलिस इन मार्गो पर शराबी की जांच करने वाले यंत्र का उपयोग करें तो तथाकथितो की पोल खुल सकती है। मगर पुलिस केवल गरीब ,ग्रामीण को ही पकड़कर शाबाशी बटोर कर टार्गेट पूरा किया करती है।





