🎤 टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़ पिछले महीनों रायगढ़ कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा के द्वारा चक्रपथ की ऊंचाई बारिश से पहले बनवाने के लिए नारियल फोड़ पूजा पाठ कर कार्य शुरू किया गया था। जिसके लिए कलेक्टर की पहल पर रेलवे के द्वारा स्वीकृति मिलने के समाचार प्रिंट मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वेब मीडिया में वायरल किए गए थे। जिससे शहर वासियों को बारिश से पूर्व ऊंचे चक्रपथ मिलने की संभावना बलवती हो गई थी। अब यह संभावना लग रही है रेलवे प्रशासन के द्वारा जिला प्रशासन को अपना उल्लू सीधा करने की खातिर झुनझुना थमा दिया गया था। रेलवे के लिए चौथी लाइन का कार्य केलो नदी के किनारे किया जा रहा है। जहां भारी भरकम लोहे के गार्डर बनाए गए हैं। इसके लिए चक्रपथ की सड़क का उपयोग किया गया । जिस वजह चक्रपथ की ऊंचाई नहीं बढ़ाई जा सकी और मामला एक बार फिर से अधर में लटक गया।
रायगढ़ नगर निगम की महापौर जानकी काटजू ने चक्रपथ पर रखे गार्डर को जल्द ही अन्यत्र शिफ्ट करने के लिए डीआरएम को ई मेल किया है। उन्होंने बरसात में जल भराव की स्थिति निर्मित होने और आवागमन बाधित होने का जिक्र किया है।
मेयर जानकी काटजू, एमआईसी सदस्य एवं कार्यपालन अभियंता चक्रपथ का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि नदी किनारे गार्डर रखा हुआ है। पूर्व में भी गार्डर को शिफ्ट करने की चर्चा हुई थी, लेकिन अभी तक रेलवे प्रशासन द्वारा इसे शिफ्ट नहीं किया गया है। बरसात के दिनों में गार्डर के कारण जल भराव की स्थिति निर्मित होती है। इससे चक्रपथ में आवागमन भी बाधित होती है और लोगों को असुविधा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जल भराव के कारण जनधन की हानि होने की स्थिति भी बनी रहती है। इसे देखते हुए मेयर काटजू ने गार्डर को पत्र लिखकर कर उसे अन्यत्र शिफ्ट करने की बात कही है। पत्र में उन्होंने शहरवासियों की सुविधा को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई है। इसके बाद रामनिवास टॉकीज से लेकर बिजली ऑफिस के सामने बन रहे नाली निर्माण का निरीक्षण किया गया। इस दौरान ठेकेदार को जल्द निर्माण करने और कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। मेयर काटजू ने कहा कि आने वाले दिनों में बरसात होगी। इससे यहां जल भराव की स्थिति निर्मित होगी। जल भराव की समस्या ना हो इसलिए नाली निर्माण को जल्द पूर्ण करने की आवश्यकता है। इस दौरान मेयर काटजू ने समय पर और गुणवत्ता के साथ निर्माण नहीं होने पर कार्रवाई करने की बात कही है।
उग्र आंदोलन किया जाएगा
मेयर काटजू ने कहा कि चक्रपथ पर सड़क निचले स्तर पर है। आवागमन बाधित न हो इसलिए चक्र पथ को ऊपर उठाने सड़क निर्माण प्रस्तावित है। बरसात में यहां जल भराव की स्थिति निर्मित होती रहती है। रेलवे के चौथी लाइन निर्माण के लिए रखे गए के कारण ऊपर की ओर से आने वाली पानी निकासी भी बाधित हो रही है। इससे जल भराव की स्थिति निर्मित होगी और जनधन की हानियां के साथ शहर वासियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, इसलिए रेलवे को जल्द ही गार्डर को अन्यत्र शिफ्ट करने ध्यान देना होगा। आने वाले दिनों में गार्डर को अन्यत्र शिफ्ट नहीं करने पर महापौर काटजू ने उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
यहां यह जानना अति आवश्यक हो गया है कि महापौर जानकी काटजू के द्वारा उग्र आंदोलन की जो चेतावनी दी गई है क्या उसे कांग्रेस के द्वारा दी गई चेतावनी माना जाए ? अथवा नगर पालिका निगम के पार्षदों की तरफ से दी गई चेतावनी माना जाए ? ओके क्योंकि उग्र आंदोलन बगैर जनता के समर्थन मिले शायद ही सफल हो पाता है। उग्र आंदोलन उसे कहते हैं जो ओडिशा बंगाल के लोगों के द्वारा किया जाता है। रेलवे ट्रैक पर घंटों बैठकर यात्री ट्रेनों मालवाहक ट्रेनों की चालों को प्रभावित किया जाता है। ट्रेक से गुजरने वाली सभी रेल गाड़ियों को अनेक स्टेशनों पर खड़ी कर दी जाती है। जिसके बाद रेलवे के उच्च अधिकारी प्रदर्शनकारियों से बात करने पहुंचकर समस्या का निराकरण किया जाता है। इस तरह का आंदोलन के समाचार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से पूरे देश में प्रसारित किए जाते हैं तब कहीं जाकर रेल मंत्रालय दिल्ली एवं गार्डन रीच कोलकाता पहुंचते हैं। केवल चेतावनी देने से बात नहीं बनने वाली।







