🎤 टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़ आगामी जन्माष्टमी पर्व के लिए छत्तीसगढ़ एवं उड़ीसा में पहचान बना चुके मंदिर मेला की तैयारियां शुरू की जा चुकी है। जन्माष्टमी मेले में सबसे ज्यादा आकर्षण एवं भीड़ मीना बाजार के द्वारा बटोरी जाती है। जानकारों के अनुसार लाखों रुपए खर्च करने वाले 1 माह तक चलने वाले मीना बाजार के द्वारा केवल 3 दिन में ही पूरे खर्चे वसूल कर मुनाफा कमा लिया जाता है। रायगढ़ के जन्माष्टमी मेले का आकर्षण इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहले सर्कस , मीना बाजार आया करते थे किंतु सर्कस पर सरकार के द्वारा पाबंदी लगा देने की वजह से आकर्षण का केंद्र श्री श्याम मंडल के द्वारा बरकरार रखा गया है क्योंकि सेठ किरोड़ीमल धर्मादा ट्रस्ट के निकम्मे पदाधिकारियों का केवल ट्रस्ट की जमीन बेचना एवं किराया खाने में ही रह गया है ।इसलिए गौरी शंकर मंदिर मेला अब श्याम मंदिर का मेला बन गया है। जन्माष्टमी मेला पर भीड़ सकेलने के लिए पिछले वर्ष 02 मीना बाजार फन वर्ल्ड एवं डिज्नीलैंड आए थे एवं दोनों ही मीना बाजार अगल बगल लगाए गए थे। जिस वजह से दोनों मीना बाजार संचालकों के द्वारा शहर के नामी-गिरामी दादा, भैया, पार्षदों , छूट भैया नेताओं, को रकम देकर अपना व्यवसाय चलाया था। मीना बाजार के संचालक बाहरी होने के बावजूद शहर के लोगों को आपस में लड़ वाकर अपना उल्लू सीधा करके चले जाया करते हैं एवं दुश्मनी के बीज आपस में बो जाया करते हैं।
मीना बाजार संचालकों के द्वारा शतरंज की गोट बैठानी शुरू कर दी गई है… संभवत अगस्त माह में मीना बाजार शुरू किया जा सके इसके लिए व्यवसायिक प्रतिद्वंदी कमाल खान एवं तमन्ना खान के द्वारा राजनीतिक रसूख का फायदा उठाने के लिए सक्रिय हो चुके हैं. कांग्रेसी पार्षद रथ्थू जायसवाल, सलीम नियारिया, वसीम खान, एवं भाजपा पार्षद रिमझिम मुक्तिनाथ के द्वारा सावित्री नगर, बेनी कुंज मे मीना बाजार लगाए जाने का विरोध शायद एक मीनाबाजार संचालक को खुश रखने के लिए शुरू कर दिया गया है ताकि दूसरे मीना बाजार संचालक को अनुमति ना दी जा सके। इसके लिए पार्षदों ने अनुविभागीय अधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया गया है।
अलग-अलग क्षेत्रों में मीना बाजार लगाने की अनुमति देनी चाहिए. प्रशासन को चाहिए कि व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा की वजह से आपसी मनमुटाव,सर फुटोव्वल तनाव की स्थिति निर्मित ना हो इसके लिए शहर में लगने वाले मीना बाजारों को अलग-अलग क्षेत्र में लगाने की अनुमति दी जानी चाहिए। अलग-अलग क्षेत्र में मीना बाजार संचालित होने के कारण यातायात का दबाव एक ही क्षेत्र पर नहीं पड़ेगा एवं भीड़ बंट जाएगी। मीना बाजार पर दो थाना क्षेत्रों के द्वारा नियंत्रण आसानी से रखा जा सकेगा।







