🎤 टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़ आषाढ़ माह की पूर्णिमा के दिन संपूर्ण ब्रह्मांड में गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया जाता है। यह मान्यता है कि इस दिन गुरु के दर्शन करने मात्र से सारे मुश्किल मार्ग आसान हो जाया करते हैं। गुरु को ब्रह्मा, विष्णु, महेश माना जाता है यदि भगवान एवं गुरु एक साथ खड़े हो तो सर्वप्रथम गुरु के चरण स्पर्श किया जाना चाहिए उसके बाद भगवान का नंबर आता है। यह बात स्वयं कृष्ण भगवान ने कही है। अघोर गुरुपीठ ब्रह्मनिष्ठालय बनोरा में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर समयानुसार निम्न कार्यक्रम होंगे। 3 जुलाई दिन सोमवार को सुबह 6:30 बजे गणेश पीठ में शक्ति ध्वज पूजन एवं सफलयोनि का पाठ किया जाएगा। 7:00 पूज्य संत शिरोमणि प्रियदर्शी राम जी के द्वारा गुरु चरण पादुका का पूजन एवं हवन किया जाएगा। 8:00 बजे सामूहिक आरती की जाएगी। 8:30 सामूहिक गुरु गीता का पाठ किया जाएगा। 9:00 बजे से लेकर 12:30 बजे तक गुरु दर्शन प्राप्त होंगे। 12:30 से 3:30 बजे तक सामूहिक प्रसाद वितरण किया जाएगा। 4:30 बजे गुरु मुख से आशीर्वचन दिए जाएंगे








