रायगढ़ जिले का बहुचर्चित, लोकप्रिय, नंबर वन की पायदान पर, पाठकों की पहली पसंद, निडर, निष्पक्ष, निर्भीक, बेबाक, ✒️टूटी कलम” वेब पोर्टल न्यूज़🎤 संपादक, चिंतक, लेखक, विश्लेषक,व्यंग्यकार, माता सरस्वती का उपासक, कलम का मास्टरमाइंड टिल्लू शर्मा
धर्म परिवर्तन को लेकर सदा से ही विवाद बना रहता है। यदि कोई धर्म परिवर्तन करता है तो उसे बेहिचक धर्म परिवर्तन करने देना चाहिए एवं सरकार को चाहिए कि इस दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए नियम एवं कानून में तनिक परिवर्तन कर देना चाहिए। जैसे कि किसी भी सुविधा के लिए भरे जाने वाले फार्म में महिला के पिता के धर्म एवम जाति की प्रमाण सहित जानकारी देना आवश्यक कर देना चाहिए। यदि महिला ठाकुर, बनिया, ब्राह्मण, सिक्ख आदि ऊंची जाति के पिता की संतान हो एवं वह किसी निम्न, छोटी अन्य जाति युवक के साथ शादी कर ले तो युवक को मिलने वाली सभी सरकारी योजनाओं से वंचित किया जाए। धर्म परिवर्तन करने के पश्चात जाति नहीं बदली जा सकती है। यदि पति-पत्नी एक ही जाति के हो तभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाना चाहिए। ऐसा नियम कानून बन जाने पर शायद लव जिहाद के मामले में कमी आ सकती है। ऊंची जात की कन्या यदि नीच जाति में शादी कर ले तो नीच जात के युवक को दी जाने वाली सारी सुविधाएं राशन कार्ड, पैन कार्ड आधार कार्ड, पासपोर्ट, आयुष्मान कार्ड, मतदाता कार्ड, मुफ्त राशन, मुफ्त चिकित्सा, मुफ्त बिजली, सभी समाप्त कर देने चाहिए ताकि कट्टरपंथियों को नरमपंथियों में लाया जा सके। हिंदू धर्म हिंदू जाति की रक्षा सुरक्षा के लिए यह सर्वाधिक सर्वोत्तम उपाय साबित हो सकता है एवं जारी फतवे का असर खत्म किया जा सके।





