🌀टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम रायगढ़ …. विधानसभा चुनावो टिकट वितरण पर से पर्दा हटाने पर रायगढ़ विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के रूप में ओपी चौधरी यह नाम का खुलासा होने के बाद ओपी चौधरी जिला मुख्यालय स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे. जिसका कारण मीडिया से रूबरू होना बताया गया. जबकि चौधरी रायगढ़ के भाजपा नेताओं की मन की बातें टटोलने के लिए रायगढ़ आए थे. भाजपा कार्यालय भवन में एकत्रित उनके समर्थको के द्वारा ढोल पार्टी बुलाई गई थी. साथ ही पटाखे फोड़े गए थे. भाजपा कार्यालय में उपस्थित यदि ढोल वालों,मीडिया वालों को अलग कर दिया जाता तो भाजपाइयों की उपस्थिति अत्यंत कम रही. जिले के कद्दावर भाजपा नेताओं के चेहरे अनुपस्थित होना इस बात का परिचायक है कि उन्हें ओपी चौधरी को टिकट दिया जाना रास नहीं आया है.
भाजपा प्रदेश महामंत्री ओपी चौधरी का जिला कार्यालय में आगमन हुआ जिसको लेकर ओ पी के परंपरागत समर्थक, पिछले चुनाव में 25— 25 हजार रुपए नगद राशि, ब्रांडेड विंटर जैकेट, शेविंग किट पाने वाले भजिया पार्टी में शामिल होने वाले मीडिया वाले पूरी तन्मयता से समाचार कवरेज के लिए सबको धकेलते ढाकेलते ओ पी के सम्मुख पहुंचकर अपना चेहरा चमकाने में लगे रहे. मीडिया की बेताबी का यह आलम रहा कि ओ पी को स्टेज तक नहीं जाने दिए और और फोटोग्राफरो,वीडियोग्राफरों की तरह से आपाधापी मचाकर मचाकर हंसी के पात्र बन गए. मीडियाकर्मी मीडिया वाले से ज्यादा पैसे देकर बुलाए गए फोटोग्राफर, वीडियोग्राफर लग रहे है. मीडिया वाले ओ पी चौधरी को गुड़ की भेली समझकर भिनभिनाते रहे और उनकी हालत देखकर ओ पी सहित उपस्थित भाजपाई मुस्कुराते रहे.
मीडिया के द्वारा पूछे गए सवालों से बौखला गए पूर्व कलेक्टर… बगैर सिर पैर के सवाल पूछे पूछने पर उनका जवाब ओपी चौधरी के द्वारा बहुत ही सरलता से दिया जाता रहा. प्रिंट मीडिया वालों ने जब सवाल किया जाने लगा तो ओ पी के चेहरे पर स्पष्ट रूप से नाराजगी झलकने लगी थी.(१) जब उनसे यह पूछा गया कि आपके द्वारा वर्तमान में विधायक ना होने पर भी आम जनता का फोन नहीं उठाया जाता है, तो इसकी क्या गारंटी है की विधायक बनने के बाद आप लोगों का फोन उठाना शुरू कर दोगे (२) खरसिया चुनाव के समय में आपने कहर बनकर टूट पड़ने वाली बात आम सभा में कही थी. इस बार आपको रायगढ़ से प्रत्याशी बनाया गया है तो रायगढ़वासियों पर आप क्या बनकर टूट पड़ोगे. इन दोनों प्रश्नों का उत्तर ओ पी के द्वारा नहीं दिया गया और प्रेस वार्ता समाप्त कर दी गई.
प्रेस वार्ता के दौरान बीच में घुसा भाजपा समर्थक… भाजपा कार्यालय के सभागार में जब प्रेस वार्ता चल रही थी तो इस समय एक भाजपा कार्यकर्ता जिंदाबाद जिंदाबाद के नारे लगाते हुए बीच में घुस आया जिसका विरोध करने की ताकत मीडिया वालों के पास नहीं थी तब ओ पी एवं भाजपाई के द्वारा अति उत्साहित कार्यकर्ता को काफी मिन्नतें करने करबद्ध निवेदन करने के बाद सभागार से बाहर किया जा. अनुशासन का ढोल पीटने वाली पार्टी का क्या यही अनुशासन है.






