🌀 टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम रायगढ़ …. रायगढ़ जिला मुख्यालय में प्रवेश क्लब का भवन नहीं होने के विषय में जब भूपेश बघेल के कानों तक यह बात पहुंची तो उन्होंने घनघोर आश्चर्य व्यक्त करते हुए प्रेस क्लब के भवन के लिए तत्काल भूमि आवंटन करने के आदेश तत्कालीन जिला कलेक्टर रानू साहू को दिए गए थे एवं भवन के निर्माण के लिए 20 लाख रुपए की धनराशि भी स्वीकृत की गई थी. मुख्यमंत्री के आदेश के पश्चात प्रेस क्लब के भवन एवं पत्रकारों की कॉलोनी के लिए सरकारी जमीन तलाशी जाने लगी. कलेक्टर के द्वारा डिग्री कॉलेज मार्ग पर रिक्त नजूल भूखंड प्रेस क्लब भवन एवं पत्रकार आवासीय कॉलोनी के लिए सर्वोत्तम समझा. राजस्व विभाग के द्वारा विधिवत उक्त भूखंड प्रेस क्लब को आबंटित कर दिया गया. जिला प्रशासन के द्वारा उक्त भूखंड को समतलीकरण करने का कार्य शुरू किया जा चुका है. उक्ताश्य की जानकारी अपनी अलग छवि बना चुके दैनिक केलो प्रवाह अखबार के संस्थापक, संरक्षक श्री उदय राम जी थवाईत के द्वारा वर्तमान में प्रेस क्लब के अध्यक्ष, सचिव, सहित समस्त सदस्यों को दी गई. इसके बाद पत्रकारों के द्वारा केलो प्रवाह परिसर पहुंचकर अपने गुरु,मार्गदर्शक,आदर्श,सम्मानित,संरक्षक श्री उदय राम जी थवाईत के पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया एवं मार्गदर्शन मांगा.
लोगों के रहमों करम किराए पर चल रहा था प्रेस क्लब भवन… ज्ञात रहे कि रायगढ़ प्रेस क्लब भवन लोगों के रहमों करम,किराए पर संचालित हो रहा था. पूर्व में सप्रेम भेंट दी जाने वाली कुर्सियां, टेबल, रिवाल्विंग चेयर, सोफा सेट, माईक, साउंड सिस्टम, कूलर,पंखे आदि का कोई लेखा-जोखा पूर्व अध्यक्षों के द्वारा नहीं दिया जा सका है. बतलाया जा रहा है कि उक्त सभी सामान लोगों की दुकानों,कार्यालय,घरों की शोभा अब तक बढ़ा रहे है. यहां तक की सदस्यता शुल्क,खर्चे का हिसाब किताब किसी के द्वारा उपलब्ध नहीं करवाया जा सका था.
उक्त नियम एवं शर्तों के अनुसार आवास बना कर दिए जाएंगे किसी को भी रिक्त भूखंड नहीं दिया जाना चाहिए …. पत्रकार आवासीय कॉलोनी के लिए भूखंड उपलब्ध होने के समाचार सुनकर पढ़कर भू माफिया किस्म के पत्रकार अपने अपने गुणा भाग में लग गए हैं. ताकि अपने कर्मचारियों के नाम पर भूखंड लेकर लंबा चौड़ा भूखंड हथियाया जा सके. इसलिए निम्न बिंदुओं पर गौर करके एक मीडिया वाले को केवल एक ही प्लाट उपलब्ध करवाया जाए और वह भी वर्ग अनुसार जैसे कि…..
१. स्थानीय दैनिक, साप्ताहिक,पाक्षीक, मासिक,अखबार के संपादकों को प्रथम सूची में आवास उपलब्ध करवाए जाने चाहिए.२.. प्रादेशिक, राष्ट्रीय स्तर के अखबारों के जिला ब्यूरो चीफ को दूसरी सूची में स्थान दिया चढ़ाना चाहिए. ३. राष्ट्रीय,प्रादेशिक स्तर के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जिला ब्यूरो हेड को तीसरी सूची में स्थान दिया जाना चाहिए ४. इसी तरह प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय स्तर के यूट्यूब चैनल वालों को 4 थी सूची में स्थान दिया जाना चाहिए. पांचवी एवं अंतिम सूची में पिछले ५ वर्षों से समाचारों की दुनिया में लगातार सक्रिय रहने वाले वेब पोर्टल वालों को स्थान दिया जाना चाहिए.
इस तरह से होनी चाहिए आवासीय कालोनी… आवासीय कॉलोनी की सारे मकानो,फ्लैट्सो का क्षेत्रफल एक होना चाहिए.सभी 2 BHK होने चाहिए. सभी की बनावट, रंग रोगन,फर्नीचर,विद्युत फिटिंग एक तरह की होनी चाहिए. कॉलोनी में गार्डन,मंदिर,खेल परिसर,क्लब,कैंटीन, जिम,योगा क्लास,ध्यान केंद्र आदि होने चाहिए. दिन–रात सिक्योरिटी गार्ड तैनात होने चाहिए.







