रायगढ़ जिले का बहुचर्चित, विश्वसनीय,लोकप्रिय,दमदार,पाठको की पसंद, छत्तीसगढ़ स्तर पर जाना पहचाना न्यूज वेब पोर्टल,**टूटी कलम** निडर,निष्पक्ष, निर्भीक, बेबाक,बेखौफ, पत्रकारिता करना मेरा शौक है,जुनून है,आदत है,दिनचर्या है, मजबूरी है,कमजोरी है, ना कि..👉.. आय का साधन है,व्यवसाय है,पेट भरने का जुगाड़ है,और ना ही ..👉 डराने,धमकाने, ब्लैकमेलिंग,उगाही,वसुली,भयादोहन, विज्ञापन,लेने का लाइसेंस मिला हुआ है. संपादक माता सरस्वती का उपासक, कलम का मास्टरमाइंड,बेदाग छवि की पहचान, सच को उजागर करने वाला,लेखक विश्लेषक,चिंतक,विचारक,व्यंगकार, स्तंभकार, @यारों का यार दुश्मनो का दुश्मन@ *चंद्रकांत (टिल्लू) शर्मा 8319293002
🛑टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम न्यूज रायगढ़ . रायगढ़ शहर में योग्यताओ, प्रतिभाओं की कमी नहीं है. बेशक यदि उन्हें अच्छे से तराशा जाए तो तो वे किसी भी बेसकीमती हीरे से कम नहीं होते हैं. शहर के प्रतिष्ठित ट्रांसपोर्ट व्यवसाई किसान ट्रांसपोर्ट की नीव रखने वाले सरदार जसपाल सिंह स्याल जिन्हें सारा शहर फौजी सेठ के नाम से जानता पहचानता है. उनके पुत्र अनूप सिंह स्याल जिनको लोग (सन्नी भाई) के नाम से जानते पहचानते है. उनके पुत्र दक्षदीप (वंश) ने कमाल कर दिखाया. वंश इन दिनों उच्च शिक्षा लेने हेतु महाराष्ट्र के पुणे शहर की सबसे महंगी कॉलेज MIT महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी में अध्यनरत है. जहां पिछले दिनों यूनिवर्सिटी के चुनाव संपन्न हुए. जिसमें अपने मित्रों के कहने पर वंश ने अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था और उनके पूरे पैनल को एक तरफ जीत हासिल हुई थी. छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है की महाराष्ट्र की यूनिवर्सिटी पर किसी गैर मराठी को अध्यक्ष पद के लिए चुना गया है. अध्यक्ष पद के लिए वंश सहित पांच लोगों ने चुनाव लड़ा था जिसमें वंश 116 मतों से विजई घोषित किए गए. चुनाव जीतने के बाद वंश के सभी दोस्तों ने खुशी का इजहार करते हुए आतिशबाजी कर मिठाइयां बांटी गई और वंश को फूल माला पहनकर अपने कंधे पर बैठकर डांस किया गया और रंग गुलाल उड़ाए गए. वंश के चुनाव जीतने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे,मनसे प्रमुख राज ठाकरे, एनसीपी नेता शरद पवार के द्वारा वंश एवम चुनाव जीते सभी पदाधिकारी से मुलाकात करने के लिए न्योता दिया गया था. ज्ञात रहे की MIT के अध्यक्ष की कोई पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है. इनके दादा और पिता विशुद्ध व्यवसाई है. जिन्हें पूरे शहर में व्यवहार कुशल एवं शांतचित्त प्रवृत्ति के इंसान के रूप में जाना पहचाना जाता है. जिन्होंने वंश को अपना ध्यान राजनीति में ना डालकर पढ़ाई की ओर बढ़ाने के लिए कहा गया. वंश की माता एक धार्मिक एवं कुशल ग्रहणी महिला है. जीने अपने वंश पर नाज है. वंश ने गुजराल भल्ला परिवार का नाम भी रौशन किया है.





