टूटी कलम विशेष
TuTi KaLaM NeWs –: टूटी कलम की खबर का असर हुआ ™️ सीधे तौर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का ध्यानाकर्षण करवाया गया था ™️ सुबह से ही प्रशासन हरकत में आया और बुलडोजर ने काम शुरू किया ™️
19th March 2024 CHANDRAKANT TILLU SHARMA 0 Comments
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टूटी कलम की खबर का असर
TuTi KaLaM NeWs –: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के क्षेत्र में भारी बवाल मचा ™️ बारिश के बाद महिलाओं ने स्टेट हाईवे जाम किया ™️ नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों को जमकर कोसा ™️
रायगढ़ जिले का बहुचर्चित, विश्वसनीय,लोकप्रिय,दमदार,पाठको की पसंद, छत्तीसगढ़ स्तर पर जाना पहचाना न्यूज वेब पोर्टल,**टूटी कलम** निडर,निष्पक्ष, निर्भीक, बेबाक,बेखौफ, पत्रकारिता करना मेरा शौक है,जुनून है,आदत है,दिनचर्या है, मजबूरी है,कमजोरी है, ना कि..👉.. आय का साधन है,व्यवसाय है,पेट भरने का जुगाड़ है,और ना ही ..👉 डराने,धमकाने, ब्लैकमेलिंग,उगाही,वसुली,भयादोहन, विज्ञापन,लेने का लाइसेंस मिला हुआ है. संपादक माता सरस्वती का उपासक, कलम का मास्टरमाइंड,बेदाग छवि की पहचान, सच को उजागर करने वाला,लेखक विश्लेषक,चिंतक,विचारक,व्यंगकार, स्तंभकार, @यारों का यार दुश्मनो का दुश्मन@ *चंद्रकांत (टिल्लू) शर्मा 8319293002
🛑टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम न्यूज रायगढ़ . किसी समय में कस्बे का रूप में रायगढ़ शहर जाना पहचाना जाता था समय के साथ उद्योगों की आमद से रायगढ़ जिला पूरे विश्व में उद्योगों, बिजली उत्पादन कोयला खदानो के नाम से जाना पहचाना जाने लगा है. विशेष कर जिंदल उद्योग के पदार्पण के बाद औद्योगिक घरानों की पहली पसंद रायगढ़ जिला बन चुका है क्योंकि यहां पर आसानी से उद्योग विस्थापित किया जा सकता है. स्थानीय लोगों के द्वारा विरोध धरना प्रदर्शन के द्वारा उद्योग में नौकरी प्राप्ति, भूमि का उचित मुआवजा प्राप्त करने का उद्देश्य मात्र होता है. जिससे उद्योगपतियों के द्वारा पूरा कर दिया जाता है और आसानी से उद्योग लगा दिया जाता है. कोयल का प्रचुर भंडार इस जिले की भूमि के गर्भ में है. फ्लाई ऐश कहीं भी डंप किया जा सकता है. केलो नदी का पानी कितना भी प्रदूषित किया जा सकता है. पूरा खेल नीचे से ऊपर तक सेटिंग करके खेला जाता है. जनसुनवाई का ऊपरी विरोध कर लिफाफे मिलने वालों में अपना नाम दर्ज करवाना ही प्राथमिकता होती है. लिफाफा मिलने के पश्चातस्वतः ही सब की जुबानें,लेखनी शांत पड़ जाती है। उद्योगों के विस्थापन,विस्तार का विरोध जोर-शोर से उन्हीं लोगों के द्वारा किया जाता है जो स्वयं बाहर से आकर शहर में स्थापित हो चुके होते हैं. पैदाइशी एवं स्थानीय लोगों को किसी का समर्थन एवं विरोध करने का समय नहीं रहता है.
रायगढ़ इस्पात उद्योग एवं सन स्टील उद्योग की संपन्न होने वाली जनसुनवाई रायगढ़ कलेक्टर कार्तिकेय गोयल के कड़े रुख के कारण ही रद्द कर दी गई. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन उद्योगों ने सही तरीके से मैनेजमेंट नहीं किया था. एक बात समझ से परे है की उद्योगों से मिलने वाले 760 करोड रुपए के सी एस आर मद की राशि का उपयोग किन कार्यों में और कहां किया जाता है ❓ जिसको लेकर आम आदमी, जनप्रतिनिधि, पर्यावरण प्रेमी, क्यों चुप्पी साधे रहते हैं ? जिला प्रशासन से लड़ने एवं सवाल जवाब करने का साहस क्यों नहीं जुटा पाते हैं ? रायगढ़ के विकास कार्यों में रुचि न लेकर केवल उद्योगों की जनसुनवाई का विरोध करने में ही अपना पूरा जीवन खपा देने वाले सी एस आर मद की राशि को लेकर धरना आंदोलन प्रदर्शन क्यों नहीं करते हैं ? उद्योगों के द्वारा स्वयं का अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, मंदिर, तालाब ,नहर आदि बनाकर उसी में ही राशि खर्च कर दी जाती है. शहर के विकास कार्यों में उद्योगों के द्वारा कोई रुचि नहीं दिखाई जाती है.








