

रायगढ़ जिले का बहुचर्चित, विश्वसनीय,लोकप्रिय,दमदार,पाठको की पसंद, छत्तीसगढ़ स्तर पर जाना पहचाना न्यूज वेब पोर्टल,**टूटी कलम** निडर,निष्पक्ष, निर्भीक, बेबाक,बेखौफ, पत्रकारिता करना मेरा शौक है,जुनून है,आदत है,दिनचर्या है, मजबूरी है,कमजोरी है, ना कि..👉.. आय का साधन है,व्यवसाय है,पेट भरने का जुगाड़ है,और ना ही ..👉 डराने,धमकाने, ब्लैकमेलिंग,उगाही,वसुली,भयादोहन, विज्ञापन,लेने का लाइसेंस मिला हुआ है. संपादक माता सरस्वती का उपासक, कलम का मास्टरमाइंड,बेदाग छवि की पहचान, सच को उजागर करने वाला,लेखक विश्लेषक,चिंतक,विचारक,व्यंगकार, स्तंभकार, @यारों का यार दुश्मनो का दुश्मन@ *चंद्रकांत (टिल्लू) शर्मा 8319293002
🛑टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम न्यूज रायगढ़ रंग गुलाल अबीर पिचकारी मुखोटे नकली बालों की दुकाने इस बार गांधीगंज के मैदान में लग रही है. संवेदनशील, ऊर्जावान, कर्मयोगी, अनुशासन पसंद नगर निगम आयुक्त सुनील कुमार चंद्रा ने इस बार बगैर किसी की चिंता दबाव की फिक्र करते ऐतिहासिक कदम उठाते हुए होली सामग्री की अस्थाई दुकानों को गांधीगंज के मैदान में लगाने के लिए व्यवसाईयों को जगह उपलब्ध करवाई गई है. जिसके लिए बाकायदा स्टॉल बनाए जा चुके हैं एवं मैदान के भीतर अवैध रूप से खड़े किए जाने वाले वाहनों को अन्यंत्र हटाने का आदेश दिया गया है. गौरत तलब है कि गांधीगंज के मैदान में सैकड़ो वाहन बगैर कोई शुल्क दिए खड़े किए जाते हैं. जिस वजह से नगर निगम के खजाने में बहुत बड़ी धनराशि नहीं आ पाती है.
आवासीय पट्टे व्यावसायिक इस्तेमाल
गांधीगंज के भीतर जितने भी मकान हैं उन सब के आवासीय पट्टे हैं एवं सभी घरों में दुकान गोदाम बनाकर व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है. निगम आयुक्त के द्वारा भविष्य में गांधीगंज के सभी मकानों की सघन जांच करवा कर व्यावसायिक रूप में इस्तेमाल किया जा रहे आवासीय पट्टो को आवासीय के स्थान पर व्यावसायिक रूप में अंकित कर दिया जाएगा जिससे नगर निगम के राजस्व में अप्रत्याशित वृद्धि हो सकेगी. गांधीगंज के भीतर बने मकानों में किसी में भी वाहन खड़ी करने के लिए पार्किंग नहीं बनाई गई है और शासकीय भूमि का दोहन किया जा रहा है. नगर निगम के द्वारा यदि प्रति वाहन प्रतिदिन पार्किंग करने का शुल्क वसूला जाए तो 1 साल में लाखों रुपए शुल्क के रूप में निगम के खजाने में आ सकते हैं. जिस राशि से शहर के विकास कार्य किए जा सकते हैं.
पार्क बनाने की योजना ठंडे बस्ते में. पूर्व नगर पालिका निगम आयुक्त के द्वारा गांधीगंज के मैदान में एक भव्य आकर्षक पार्क बनाने की योजना थी. जो किस कारणवश दबा दी गई. जिसका आज तक कोई उत्तर नहीं मिल पाया है. शहर के बीचो-बीच शहर वासियों के मनोरंजन, स्वास्थ्य, घूमने फिरने, के लिए गांधीगंज के मैदान में पार्क बनाने की योजना बनाई गई थी. ताकि शहर के एकमात्र पार्क कमला नेहरू उद्यान को भीड़ के दबाव से उबरा जा सके और शहर के मध्य रहने वाले शहर वासियों को पार्क की सुविधा का लाभ मिल सके. पार्क के भीतर बच्चों के खेलने के लिए झूलने के लिए अनेक यंत्र लगाए जाने हैं. युवा वर्ग, बुजुर्ग वर्ग के लिए तरह-तरह के व्यायाम करने के यंत्र भी लगाए जाएंगे. प्रचुर मात्रा में आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था होगी जिससे पूरा शहर जगमग हो उठेगा. म्यूजिकल फाउंटेन लगाकर लोगों को बरबस आकर्षित किया जा सकेगा जिसका फायदा युवती एवं महिलाएं भी उठा सकेगी. सुबह एवं शाम की सैर के लिए शहर वासियों को कमला नेहरू पार्क का रुख नहीं करना पड़ेगा. रायगढ़ विधायक प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी अगर चाहे तो अपने फंड से या उद्योगों के सी एस आर मद से मिलने वाली धनराशि का उपयोग शहर की सुंदरता के लिए कर सकते हैं. गांधीगंज के भीतर पार्क बनाने से शहर की सुंदरता बढ़ जाएगी और आप चौधरी का नाम इतिहास में अंकित हो जाएगा.
टुकड़ों में काटकर नीलाम कर देने से अरबो रुपए की प्राप्ति हो सकेगी. अगर इस मैदान में पार्क बनाने में कोई अड़चन आती हो तो निगम को चाहिए कि उक्त मैदान को प्लाटिंग का आवासीय कॉलोनी के रूप में प्लाट के रूप में विक्रय कर देना चाहिए. 600, 800,1000,1200,1500,1800,2000,2400 वर्ग फुट के प्लाट काटकर बोली के रूप में नीलम किया जा सकता है. जिसको लेने के लिए शहर वासी टूट पड़ेंगे एवं जमीन की कीमत आसमान की जितनी हो जाएगी और नगर पालिका निगम रायगढ़ प्रदेश का सबसे धनाढ्य नगर निगम बन जाएगा.







