रायगढ़ जिले का बहुचर्चित, विश्वसनीय,लोकप्रिय,दमदार,पाठको की पसंद, छत्तीसगढ़ स्तर पर जाना पहचाना न्यूज वेब पोर्टल,**टूटी कलम** निडर,निष्पक्ष, निर्भीक, बेबाक,बेखौफ, पत्रकारिता करना मेरा शौक है,जुनून है,आदत है,दिनचर्या है, मजबूरी है,कमजोरी है, ना कि..👉.. आय का साधन है,व्यवसाय है,पेट भरने का जुगाड़ है,और ना ही ..👉 डराने,धमकाने, ब्लैकमेलिंग,उगाही,वसुली,भयादोहन, विज्ञापन,लेने का लाइसेंस मिला हुआ है. संपादक माता सरस्वती का उपासक, कलम का मास्टरमाइंड,बेदाग छवि की पहचान, सच को उजागर करने वाला,लेखक विश्लेषक,चिंतक,विचारक,व्यंगकार, स्तंभकार, @यारों का यार दुश्मनो का दुश्मन@ *चंद्रकांत (टिल्लू) शर्मा 8319293002
🏹टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम न्यूज 🎤 रायगढ़……हरिओम पवार 👇👇👇
मैं लिखते लिखते रोया था, मैं भारी मन से गाऊंगा, जो हम शिखर का फूल बनी, मैं उनको फुल चढ़ाऊंगा, मैंने उनके(सवर्गीय श्रीमती इंदिरा )सिहासन के विपरीत लिखी कविता गाई, लेकिन उनके ना रहने पर आखिर आंखें भर भर आई, रह रह के झकझोर रही है यादें खूनी आंधी की, जैसे दोबारा से हत्या हो गई महात्मा गांधी की भारत का जन गण मन डूबा है सिसकी और कराहों में, वह चीर निद्रा में जा सोई गांधी नेहरू की बाहों में, वो पर्वत राजा की बेटी ऊंची हो गई हिमालय से, जिसने भारत ऊंचा माना सब धर्मों के देवालय से, भूगोल बदलने वाली वो, इतिहास बदल कर चली गई, जिससे हर दुश्मन हार गया अपनों के हाथों चली गई, हमने मुट्ठी भीचीं खोली, हमने गुस्से को पी डाला, हम कई समंदर रोये है हमने पी है गम की हाला, हम हिंसा का बदला चाहे तो हिंसा से ले सकते हैं,हम एक जान के बदले में उनकी जाने ले सकते हैं, लेकिन हिंदू सिख भाई है, यह परिपाटी नीलाम ना हो, केवल दो चार कातिलों से पूरी जाति बदनाम ना हो, शातिर देशों की माटी ने यह रूखी मक्कारी की है, पर घर के ही जयचंदो ने भारत से गद्दारी की है बीबीसी से धमकी देना कायरता है गद्दारी है, हम और किसी को क्या रोयें, गोली अपनों ने मारी है, इंदिरा जी नहीं रही है तो, ये देश नहीं मर जाएगा, कोई यह ना समझे भारत के टुकड़े कर जाएगा, जो आंख उठेगी भारत पर वह आंख फोड़ दी जाएगी,जो मेरा आंगन तोड़ेंगे वह बांह तोड़ दी जाएगी.
सीमा पार जो पड़ोसी है उनको तो क्या समझाना है, वो बंटवारे का रोगी है,उसका ये रोग पुराना है, लेकिन रावलपिंडी पहले अपने दामन में तो झांके, उसके घर का धुआं मेरे आंगन में क्यों ताके,भारत में दखलंदाजी की तो पछताना पड़ जाएगा, रावलपिंडी, लाहौर, कराची तक भारत कहलाएगा.
धीमी धीमी चाल ये भूचाल ना हो जाए, ये तिरंगा किसी का रुमाल ना हो जाए, बटवारे जैसा ही परिवेश ना हो जाए, और दिल्ली के लिए असम विदेश ना हो जाए.
👇👇 एकता शबनम…… आज फूलों के बिस्तरों पर हुस्न करवट बदलता नहीं है, शान अपने जनाजे की देखो लोग चलते हैं कांधे बदलकर, एक उनकी भी डोली उठी है कोई कांधा बदलता नहीं है. आज फूलों के बिस्तरों पर हुस्न करवट बदलता नहीं है.
👇👇 शरद जोशी…. एक बार एक गांव में प्रधानमंत्री राजीव गांधी गए थे और उन्होंने ग्रामीणों से उनकी समस्याओं के विषय में पूछा, तो ग्रामीणों ने बतलाया कि पानी की समस्या है उन्हें पानी लेने बहुत दूर तक जाना पड़ता है. राजीव गांधी ने पूछा कितने किलोमीटर जाना पड़ता है, ग्रामीणों ने बताया कि 4 किलोमीटर लगभग, तब राहुल कहते हैं कि जाने में 4 किलोमीटर लगता है तो आने में कितना किलोमीटर लगता है, 😁😁 राजीव गांधी ने कहा इस समस्या का निदान करने के लिए या तो नदी को गांव के पास ले आते हैं या फिर गांव को नदी के पास ले जाते हैं, नहीं तो गांव से नदी तक ऊपर तिरपाल लगवा देते हैं 😁😁
👇👇 हरिओम पवार…. एक बार डाकुओं के मन में कवि सम्मेलन देखने का मन हुआ तो उन्होंने कवियों का अपहरण कर जंगल ले गए जहां पर मैं जोर-जोर से रोने लगा तब डाकू के सरदार ने पूछा की वीर रस के कवि होकर रोते क्यों हो, तब मैंने जवाब दिया कि यह हास्य रस का कवि सुरेंद्र शर्मा जब बेहोश हो सकता है तो क्या मैं रो भी नहीं सकता 😁😁😁
👇👇 सुरेंद्र शर्मा….. 1 दिन मेरी पत्नी ने पूछा की हां जी यदि मैं थारे होठों की मुरली बन जाऊं तो कैसा रहेगा, तब मैंने जवाब दिया कि तेरा तो कुछ नहीं बिगड़ेगा परंतु मेरा जबाड़ा बाहर आ जाएगा…… एक दिन मेरी साइकिल से एक महिला की टक्कर हो गई तो महिला ने कहा इतना बड़ा हो गया है, इतनी बड़ी-बड़ी मूंछें रखी हुई है, तो क्या ब्रेक नहीं मार सकता, तब मैंने जवाब दिया की भाभी जी क्या मेरी मूंछों में ब्रेक लगा हुआ है 😁😁…. प्रेमी अपने प्रेमिका से कहता है कि मैं तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता हूं, यहां तक की चांद तारे भी तोड़ कर भी ला सकता हूं, तब प्रेमिका ने कहा कमबख्त दूसरी मंजिल पर चढ़ते ही हांपने लग जाता है, तो क्या चांद तारे तेरा बाप तोड़ कर लाएगा😁😁…. एक दिन मैंने अपनी पत्नी से कहा की ढोल,गवार,पशु, शूद्र,नारी ये सब ताड़न के अधिकारी, इसका मतलब समझते हो या समझाऊं, तब पत्नी ने जवाब दिया कि यह तो बहुत सिंपल है इसमें 4 जगह आप हैं, और 1 जगह मैं हूं




