रायगढ़ जिले का बहुत चर्चित लोकप्रिय सर्वाधिक पढ़े जाने वाला नंबर वन की तरफ तेजी से बढ़ रहा *टूटी कलम समाचार* पत्रकारिता करना हमारा शौक है, जुनून है, आदत है, दिनचर्या है, कमजोरी है,लगन है,धुन है, पागलपन है ,पत्रकारिता करना हमारे पेट भरने का साधन नहीं है, और ना ही ब्लैकमेलिंग, धमकी,चमकी,देकर, विज्ञापन के नाम पर उगाही,वसूली करने का लाइसेंस मिला हुआ है, संपादक टिल्लू शर्मा लेखक, विश्लेषक, कवि,व्यंगकार,स्तंभकार, विचारक, माता सरस्वती का उपासक,परशुराम का वंशज,रावण भक्त,कबीर से प्रभावित,कलम का मास्टरमाइंड, सही और कड़वी सच्चाई लिखने में माहिर, जहां से लोगों की सोचना बंद कर देते है हम वहां से सोचना शुरू करते है, टिल्लू शर्मा के ✍️समाचार ज्यों नाविक के तीर,🏹 देखन म छोटे लागे, घाव करे गंभीर, लोगों की पहली पसंद टूटी कलम समाचार बन चुका है, सरकार एवं जिला प्रशासन का व्यवस्थाओं समस्याओं पर ध्यान आकर्षण करवाना हमारा पहला कर्तव्य है
🔱टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम 🎤 न्यूज रायगढ़ छत्तीसगढ़ 🌍 छत्तीसगढ़ उड़ीसा बॉर्डर के ग्राम टपरिया में मार खाए छत्तीसगढ़ के ट्रांसपोर्टरो ने रायगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के कार्यालय पहुंचकर उन्हें घटना से अवगत कराते हुए शीघ्र कार्रवाई करने का आवेदन दिया। इसके बाद सारे ट्रांसपोर्टर यूनियन कार्यालय वृंदावन चौक पहुंचे। जहां पूर्व से ही प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था। वक्ताओं ने मीडिया के सामने पूरे घटनाक्रम को बताते हुए पक्ष रखा की वह मारपीट हिंसा में विश्वास नहीं रखते हैं एवं उड़ीसा के ट्रांसपोर्टर का विरोध शांतिपूर्ण ढंग से धरना प्रदर्शन के द्वारा करेंगे। जिसकी मध्यस्थता करने के लिए दोनों राज्यों के जंग प्रतिनिधियों प्रशासनिक अधिकारियो पुलिस अधिकारियो, समाजसेवियों से करने का निवेदन करेंगे। इसके बाद इन लोगों के द्वारा लिए गए फैसले पर अमल कर अपना व्यवसाय करेंगे। वे 33 प्रतिशत लोडिंग में भी कार्य करेंगे।
यूनियन के द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित करने का कोई औचित्य नहीं था क्योंकि उक्त मामला कोल ट्रांसपोर्टर के बीच का व्यावसायिक मामला है। मीडिया के सामने राग अलापने से समस्या का समाधान होना बहुत मुश्किल है। जिसका उदाहरण यह है कि प्रेस वार्ता में जितने भी मीडिया वाले शामिल हुए थे उनमें से कुछ लोगों ने ही समाचार चलाएं है। बाकी लोग प्रेस वार्ता को पिकनिक पार्टी समझकर शामिल हुए थे।




