रायगढ़ जिले का बहुत चर्चित लोकप्रिय सर्वाधिक पढ़े जाने वाला नंबर वन की तरफ तेजी से बढ़ रहा *टूटी कलम समाचार* पत्रकारिता करना हमारा शौक है, जुनून है, आदत है, दिनचर्या है, कमजोरी है,लगन है,धुन है, पागलपन है ,पत्रकारिता करना हमारे पेट भरने का साधन नहीं है, और ना ही ब्लैकमेलिंग, धमकी,चमकी,देकर, विज्ञापन के नाम पर उगाही,वसूली करने का लाइसेंस मिला हुआ है, संपादक टिल्लू शर्मा लेखक, विश्लेषक, कवि,व्यंगकार,स्तंभकार, विचारक, माता सरस्वती का उपासक,परशुराम का वंशज,रावण भक्त,कबीर से प्रभावित,कलम का मास्टरमाइंड, सही और कड़वी सच्चाई लिखने में माहिर, जहां से लोगों की सोचना बंद कर देते है हम वहां से सोचना शुरू करते है, टिल्लू शर्मा के ✍️समाचार ज्यों नाविक के तीर,🏹 देखन म छोटे लागे, घाव करे गंभीर, लोगों की पहली पसंद टूटी कलम समाचार बन चुका है, सरकार एवं जिला प्रशासन का व्यवस्थाओं समस्याओं पर ध्यान आकर्षण करवाना हमारा पहला कर्तव्य है
🔱टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम 🎤 न्यूज रायगढ़ छत्तीसगढ़ 🌍… कॉल परिवहन को लेकर दो दिन पूर्व छत्तीसगढ़ उड़ीसा बॉर्डर के ग्राम टपरिया में ट्रांसपोर्टरो के बीच हुई मारपीट के बाद ऐसा माहौल बना दिया गया ki छत्तीसगढ़ के ट्रांसपोर्टर उड़ीसा में और उड़ीसा के ट्रांसपोर्टर रायगढ़ में अपने वाहन चलाने को लेकर भयभीत हो चुके हैं। मारपीट की घटना को इस कदर हवा दी गई कि उड़ीसा एवं छत्तीसगढ़ पुलिस जिला प्रशासन को संज्ञान लेना पड़ गया और मारपीट कहीं 302,307, के मामले में नाम बदल जाए इसलिए बॉर्डर पर पुलिस कर्मचारियो, जिला प्रशासन के कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है और बेरीकेट्स लगा दिए गए हैं। जिस वजह से कोल परिवहन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है और दोनों ही तरफ सैकड़ो ट्रेलरो की लाइने लगी हुई है। अगर यही हालत रहेंगे तो कोयले से चल रहे उद्योगों पर कोयला संकट छा जाएगा। दर्जन और छोटे प्लांट बंद होने के कगार पर आ जाएंगे। मारपीट के बाद दहशत फैला दी गई की उड़ीसा के 100 –150लोग हाथों में रिवाल्वर,पिस्टल, हॉकी, डंडा, टांगिया, फरसा, तलवार लेकर रायगढ़ ट्रांसपोर्टर यूनियन के कार्यालय में घुस गए और मारपीट की गई। जबकि हकीकत यह है कि जितने भी वीडियो सामने आए हैं उनमें इस तरह की कोई भी रिकॉर्डिंग सामने नहीं आई है। जिससे कहा जा सके की उड़ीसा के लोग हथियार बंद होकर आए थे।
बॉर्डर में फंसे ड्राइवर खलासी हलकान हुए.. 2 दिन से बॉर्डर सील होने के बाद टपरिया एवं आसपास के क्षेत्र में थामे वाहनों के ड्राइवरो खलासियो के सामने खाने-पीने ,नहाने धोने, सोने की समस्या उत्पन्न हो गई है। वे घर भी नहीं जा पा रहे हैं। जिस वजह से उनके परिवार वाले भी चिंतित हो चुके हैं।
जब तक वाहन मालिकों में सामंजस्य नहीं होगा तब तक किसी नहीं सुधरने वाली… मामला इतना अधिक आपसी रंजिश वाला हो गया की हालत सुधारने में बहुत समय लग सकता है. रायगढ़ के ट्रांसपोर्टरो को उड़ीसा के ट्रांसपोर्रो की और उड़ीसा के ट्रांसपोर्टरो को रायगढ़ के ट्रांसपोर्टरो की बात माननी पड़ेगी तभी कॉल परिवहन सुचारू रूप से हो सकेगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बॉर्डर के उस पार उड़ीसा के वाहन मालिक लगातार सर्चिंग कर रहे हैं। फिलहाल केवल छोटी गाड़ियों गैर कोल ट्रांसपोर्टिंग का काम करने वाली वाहनों को आने-जाने दिया जा रहा है.




