🔱टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम 🎤 न्यूज रायगढ़ 🌍 छत्तीसगढ़🏹.……..रायगढ़ के कया घाट क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से नशे के इंजेक्शन का कारोबार बगैर रोक टोक के संचालित हो रहा था। ऐसा नहीं है कि पुलिस को इसकी खबर ना हो, इंजेक्शन के माध्यम से नाबालिकों एवं युवा पीढ़ी को बर्बाद कर, धन कमाने का कारोबार फलता-फूलता ही जा रहा है। ऑपरेशन के समय मरीज को चेतना शून्य कर देने वाला घातक, तेज नशे वाला inj.butrum लगाया जाता है। जो बगैर डॉक्टर के पर्ची के नहीं दिया जाता है। डॉक्टर की पर्ची दवा दुकानदार को रखनी पड़ती है और बिल काटना पड़ता है। Aristo कंपनी के द्वारा निर्मित उक्त इंजेक्शन युवा पीढ़ी नशे के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। इंजेक्शन लगाने के बाद दंगा, फसाद, लड़ाई, झगड़ा, हुड़दंग करना सामान्य बात है क्योंकि इंजेक्शन लगाने के बाद मति भ्रष्ट हो जाया करती है। शहर की अनेक दवा दुकानों में यह इंजेक्शन नशेड़ियों को चिन्हांकित कर 23 ₹ कीमत के स्थान पर मनमानी कीमत पर उपलब्ध करवा दिया जाता है।
नशे के लिए पूरा सिंडिकेट काम करता है…. शहर के सभी क्षेत्रों में नशे की टेबलेट, कैप्सूल, इंजेक्शन का उपयोग करने वाले आदतन नशेड़ियों का पूरा एक गैंग होता है. जिन्हें दवा दुकानदार बखूबी जानते पहचानते हैं. नशेड़ी जैसे ही दवा दुकान में जाकर खड़ा होता है दुकानदार चुपचाप इंजेक्शन दे दिया करता है. पुलिस यदि दवा दुकानों में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच करें तो यह सामने आ जाएगा की कौन-कौन लोग प्रतिदिन दवा दुकान जाकर नशे का सामान खरीदते हैं.
पिछले तीन वर्षों का रिकॉर्ड खंगालना होगा.. नशे के रूप में सर्वाधिक उपयोग किए जाने वाली कफ सिरप कोरेक्स, फैंसी ड्रिल, प्लानोकफ,tossex, आदि के अतिरिक्त कोडिंग युक्त कफ सिरप, स्पशमों प्रॉक्सीवों कैप्सूल,पेट दर्द, सर्दी,खांसी की दवाइयां नशे के लिए इस्तेमाल की जाती है। जिला औषधि एवं खाद्य विभाग के द्वारा जिले के सभी थोक दवा दुकानों की 3 साल की आवक जावक का अधिकार खंगाला जाए तो आश्चर्यजनक रूप से कई सफेदपोश चेहरे पर नकाब हो जाएंगे.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने मुखबिर की सूचना पर संज्ञान लेते हुए जुटमिल पुलिस को नशे के सौदागरों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए। इसके बाद जुट मिल थाना प्रभारी प्रशांत राव ने दो लोगों को मय इंजेक्शन गिरफ्तार करते हुए दवा दुकानदारों के माथे पर शिकन डाल दी. गिरफ्तार हुए दोनों आरोपियों के पूर्व में भी कई अपराधिक रिकॉर्ड है. ऐसे अपराधियों पर जिला बदर की कार्रवाई सुनिश्चित कर देनी चाहिए.
🚨 “ऑपरेशन आघात” के तहत जूटमिल में नशीले इंजेक्शन बेचने वालों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार 🚨 कायाघाट क्षेत्र में किशोरों को नशे के लिए इंजेक्शन बेचते पकड़े गए आरोपी, 22 नग नशीली इंजेक्शन और नकदी बरामद 🚨 एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश — किशोरों को नशे की ओर धकेलने वालों पर होगी कठोर कानूनी कार्रवाई*
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत जूटमिल क्षेत्र में किशोर बालकों को नशीले इंजेक्शन उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। जूटमिल इलाके में दर्द निवारक इंजेक्शन का खतरनाक तरीके से नशे के रूप में उपयोग किए जाने की सूचना एसएसपी के संज्ञान में आने पर तत्काल नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा को प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए गए। एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी के मार्गदर्शन एवं सीएसपी के सुपरविजन में जूटमिल पुलिस ने मुखबिर सूचना पर दो अलग-अलग स्थानों पर रेड कार्रवाई कर आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा।
➡️ पहली कार्रवाई थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक प्रशांत राव एवं सहायक उप निरीक्षक भागीरथी चौधरी, नरसिंह नाथ यादव के नेतृत्व में कायाघाट बाबाकुटी के पास की गई। मौके पर पुलिस को देखकर 3-4 नाबालिग बालक भाग खड़े हुए। घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम *रवि गुप्ता पिता जानप्रकाश गुप्ता उम्र 42 वर्ष, निवासी जूटमिल गेट के सामने थाना जूटमिल रायगढ़* बताया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से अखबार में लिपटे 10 नग Butorphanol Tartrate Injection USP 2mg “BUTRUM” (एमआरपी 59.68 प्रति एम्पुल) कुल कीमत लगभग 596.80 रुपये तथा बिक्री की 200 रुपये नकदी बरामद की गई। पूछताछ में आरोपी ने इंजेक्शन प्रति एम्पुल 200 रुपये में बेचने की बात स्वीकार की तथा कोई वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका।
➡️ दूसरी कार्रवाई कायाघाट चौपाटी तिराहा के पास की गई। मुखबिर सूचना पर *सुरेश वर्मा पिता मातु वर्मा उम्र 27 वर्ष, निवासी कायाघाट मुक्तिधाम सामने गली थाना जूटमिल रायगढ़* को उसके मकान के बाहर से पकड़ा गया। पुलिस को देखकर 3-4 युवक मौके से भाग गए। आरोपी के कब्जे से 12 नग Butorphanol Tartrate Injection USP 2mg “BUTRUM” (कुल कीमत लगभग 716.16 रुपये) तथा 300 रुपये नगद बरामद हुए। आरोपी ने इंजेक्शन झारसुगुड़ा (उड़ीसा) से खरीदकर लाने और किशोर बालकों को 150-150 रुपये प्रति इंजेक्शन बेचने की बात स्वीकार की।
दोनों आरोपियों द्वारा यह जानते हुए भी कि उक्त इंजेक्शन एक हानिकारक मादक द्रव्य है और इसके सेवन से मानव जीवन संकटापन्न हो सकता है, नाबालिग बच्चों को अवैध रूप से बिक्री की जा रही थी। छोटे-छोटे किशोरों में नशे की प्रवृत्ति विकसित कर उनके स्वास्थ्य एवं भविष्य को खतरे में डालने के कृत्य पर थाना जूटमिल में अपराध क्रमांक 66/2025 एवं 67/2025 धारा 77 जेजे एक्ट तथा धारा 123, 275, 286 भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
बरामद इंजेक्शन
कुल 22 नग नशीली इंजेक्शन (Butorphanol Tartrate Injection USP 2mg “BUTRUM”) एवं 500 रुपये नगद बिक्री रकम।
👉 एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश..
नशीली दवाओं के माध्यम से किशोरों को नशे की ओर धकेलने वाले व्यक्तियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। आमजन से अपील है कि ऐसे किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

