• Home
  • राष्ट्रीय
  • छत्तीसगढ़
  • टूटी कलम विशेष
  • आध्यात्मिक
  • खेलकूद
  • विविध खबरें
  • व्यापार
  • सिनेमा जगत
  • हेल्थ
  • संपर्क
Thursday, August 27, 2026
  • Login
टूटी कलम
Advertisement
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • छत्तीसगढ़
  • टूटी कलम विशेष
  • आध्यात्मिक
  • खेलकूद
  • विविध खबरें
  • व्यापार
  • सिनेमा जगत
  • हेल्थ
  • संपर्क
No Result
View All Result
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • छत्तीसगढ़
  • टूटी कलम विशेष
  • आध्यात्मिक
  • खेलकूद
  • विविध खबरें
  • व्यापार
  • सिनेमा जगत
  • हेल्थ
  • संपर्क
No Result
View All Result
टूटी कलम
No Result
View All Result
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • छत्तीसगढ़
  • टूटी कलम विशेष
  • आध्यात्मिक
  • खेलकूद
  • विविध खबरें
  • व्यापार
  • सिनेमा जगत
  • हेल्थ
  • संपर्क

जल,जंगल,जमीन, हमारे ™️ तो हमें रोजगार क्यों नहीं ™️ रायगढ़ के युवाओं और खिलाड़ियों के हक की हुंकार ™️ रामचंद्र शर्मा के नेतृत्व में 29 अगस्त से आंदोलन का आगाज ™️ अब होगा अपने हक के लिए निर्णायक आंदोलन ™️

CHANDRAKANT TILLU SHARMA by CHANDRAKANT TILLU SHARMA
27th August 2026
0
0
SHARES
4
VIEWS
Advertisement

*रायगढ़ के युवाओं और खिलाड़ियों के हक की हुंकार, रामचंद्र शर्मा के नेतृत्व में 29 अगस्त से आंदोलन का आगाज*
_______________________
*स्थानीय रोजगार से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक उठेंगे सवाल*
__________________________
*उद्योग रायगढ़ में हैं तो रोजगार में रायगढ़ के युवाओं की हिस्सेदारी क्यों नहीं?” — रामचंद्र*


रायगढ़। राष्ट्रीय खेल दिवस पर गांधी प्रतिमा के पास सुबह 9 बजे से युवाओं और खिलाड़ियों के हक और अधिकार के लिए एक दिवसीय भूख हड़ताल किया जाएगा। औद्योगिक विकास के बीच स्थानीय युवाओं के रोजगार, प्रतिभावान खिलाड़ियों के सम्मानजनक भविष्य और पर्यावरण संरक्षण जैसे गंभीर सवालों को लेकर रायगढ़ में अब आवाज सड़क पर उतरने जा रही है। नवनिर्माण संकल्प समिति रायगढ़ ने इन मुद्दों को लेकर चरणबद्ध जनआंदोलन का ऐलान किया है।
समिति के कार्यक्रम संयोजक रामचंद्र शर्मा के नेतृत्व में राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त को सुबह 9 बजे से गांधी प्रतिमा, एसपी कार्यालय के सामने रायगढ़ में एक दिवसीय भूख हड़ताल आयोजित की जाएगी। इस भूख हड़ताल में जिले के विभिन्न खेलों से जुड़े खिलाड़ी, युवा तथा सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के समर्थन की बात समिति ने कही है। समिति का कहना है कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति, संस्था या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि रायगढ़ के स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों के रोजगार, सम्मान तथा भविष्य से जुड़े सवालों को प्रशासन और समाज के सामने मजबूती से रखने का प्रयास है।

*उद्योग रायगढ़ में, फिर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार कहां?*

रायगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों का बड़ा विस्तार हुआ है। उद्योगों को स्थानीय स्तर पर जमीन, संसाधन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। ऐसे में समिति ने सवाल उठाया है कि इन उद्योगों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों में योग्य स्थानीय युवाओं की वास्तविक भागीदारी कितनी है? समिति की मांग है कि जिले में संचालित औद्योगिक इकाइयों में योग्य स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने के लिए प्रभावी, पारदर्शी और निगरानी योग्य व्यवस्था बनाई जाए।

*सिर्फ आश्वासन नहीं—रोजगार का सार्वजनिक आंकड़ा चाहिए*

समिति ने उद्योगवार यह जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है कि— कितने स्थानीय लोग रोजगार में हैं कितने बाहरी कर्मचारी कार्यरत हैं?वर्तमान में कितने पद रिक्त हैं?आगामी भर्ती में कितने अवसर उपलब्ध होंगे?
स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए उद्योगों की क्या नीति है? समिति का कहना है कि रोजगार के सवाल पर आंकड़े सार्वजनिक होंगे तो तस्वीर अपने आप साफ हो जाएगी।

*मेडल रायगढ़ का, भविष्य किसका? खिलाड़ियों के सम्मानजनक रोजगार की मांग*

रायगढ़ के अनेक खिलाड़ियों ने राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। समिति ने कहा है कि खिलाड़ियों की मेहनत केवल मेडल, प्रमाणपत्र और मंच पर सम्मान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रायगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके पात्र खिलाड़ियों के लिए रोजगार, छात्रवृत्ति, आर्थिक सहायता तथा उद्योगों के सहयोग से अवसर उपलब्ध कराने की ठोस व्यवस्था की मांग की गई है। जिसने रायगढ़ का नाम रोशन किया, उसके भविष्य की जिम्मेदारी भी रायगढ़ को उठानी होगी। 29 अगस्त को आवाज उठेगी, आगे यह आवाज जनआंदोलन का रूप लेगी।

*रोजगार के साथ पर्यावरण भी आंदोलन के केंद्र*

समिति ने रोजगार के साथ रायगढ़ में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण को भी आंदोलन का प्रमुख विषय बनाया है। समिति की प्रमुख मांगों में प्रदूषण नियंत्रण की निगरानी व्यवस्था में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी, उद्योगों के निरीक्षण एवं अधिकारियों के दौरे की जानकारी सार्वजनिक करना तथा प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की स्थिति जनता के सामने लाना शामिल है।

*ESP से लेकर फ्लाई ऐश तक—हर व्यवस्था का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग*

समिति ने उद्योगों में संचालित ESP की बिजली खपत को लेकर पारदर्शिता की मांग की है। समिति का कहना है कि उपलब्ध तकनीकी मानकों के आधार पर यह स्पष्ट होना चाहिए कि ESP के संचालन में कितनी बिजली की खपत अपेक्षित है और वास्तविक खपत कितनी हो रही है।इसी तरह फ्लाई ऐश के परिवहन और निपटान की जानकारी भी सार्वजनिक करने की मांग की गई है। समिति चाहती है कि—फ्लाई ऐश कहां गया?किस वाहन से गया?कितनी मात्रा में गया? किस स्थान पर उसका निपटान हुआ? इन सभी सवालों का रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए।

*पेड़ काटे गए तो लगाए कितने? अब इसका भी हिसाब चाहिए*

उद्योगों द्वारा पेड़ों की कटाई के बदले किए गए पौधरोपण का स्थान, संख्या और वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करने की मांग भी समिति ने रखी है।समिति का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखाई देना चाहिए।

*स्थायी समिति की मांग—अब निगरानी भी होगी और जवाबदेही भी*

नवनिर्माण संकल्प समिति ने “जिला स्थानीय रोजगार एवं खिलाड़ी कल्याण समिति” के गठन की मांग की है।
इस समिति में—जिला प्रशासन, उद्योग प्रतिनिधि, रोजगार विभाग, जनप्रतिनिधि, युवा प्रतिनिधि, खिलाड़ी और स्थानीय नागरिकों को शामिल करने की मांग की गई है। समिति का उद्देश्य स्थानीय रोजगार, खिलाड़ियों के रोजगार एवं CSR सहायता तथा पर्यावरणीय मुद्दों की नियमित समीक्षा और समयबद्ध कार्ययोजना सुनिश्चित करना होगा।

*सोशल मीडिया पर भी मुद्दे को मिल रहा समर्थन*

समिति की ओर से दावा किया गया है कि स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों के रोजगार से जुड़े अभियान के वीडियो को सोशल मीडिया पर करीब चार लाख लोगों ने देखा है। समिति का कहना है कि सोशल मीडिया पर मिल रहे समर्थन को अब जमीनी जनसमर्थन में बदलने का प्रयास किया जाएगा और 29 अगस्त के कार्यक्रम में खिलाड़ियों, युवाओं तथा सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की सहभागिता रहेगी।

🎙️ *क्या कहते हैं  रामचंद्र शर्मा?*
“नव निर्माण संकल्प समिति के अध्यक्ष तथा कार्यक्रम के संयोजक रामचंद्र शर्मा का कहना है कि रायगढ़ के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर है कि स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों के रोजगार तथा भविष्य से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखा जाए। रायगढ़ के युवाओं और खिलाड़ियों के भविष्य का सवाल अब सिर्फ चर्चा का विषय नहीं रहना चाहिए।” उन्होंने कहा कि खिलाड़ी मैदान में मेहनत करके रायगढ़ का नाम रोशन करते हैं, वहीं स्थानीय युवा अपनी योग्यता के बावजूद रोजगार के अवसर तलाश रहे हैं। ऐसे में उद्योगों और प्रशासन को मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिसमें स्थानीय युवाओं को उचित अवसर मिले और प्रतिभावान खिलाड़ियों के भविष्य को भी सुरक्षित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि 29 अगस्त की भूख हड़ताल शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को मजबूती से रखने का पहला चरण है। यदि आवश्यक हुआ तो आगे चरणबद्ध तरीके से रैली और व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। 29 अगस्त को सुबह 9 बजे से गांधी प्रतिमा के पास, एसपी कार्यालय के सामने, आयोजितएक दिवसीय भूख हड़ताल शामिल होने तथा समर्थन देने की अपील रामचंद्र शर्मा ने रायगढ़ वासियों से किया है।

*संस्था के सचिव दीपक मंडल बोले—यह शुरुआत है, मंजिल नहीं*

नवनिर्माण संकल्प समिति के सचिव दीपक मंडल ने कहा कि रायगढ़ के स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों के रोजगार एवं अधिकार का मुद्दा लंबे समय से गंभीरता से उठाए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
उन्होंने कहा कि 29 अगस्त की भूख हड़ताल आंदोलन का पहला चरण है। इसके बाद युवाओं, खिलाड़ियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को जोड़कर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
दीपक मंडल ने कहा कि स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देना केवल मांग नहीं, बल्कि रायगढ़ के युवाओं के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उद्योगों के विकास के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने चाहिए और इसके लिए प्रशासन तथा उद्योग प्रबंधन के बीच स्पष्ट एवं जवाबदेह व्यवस्था बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले चरण में बड़ी रैली सहित व्यापक जनसंपर्क और जनआंदोलन की तैयारी की जाएगी।

ShareSendTweet
Previous Post

रायगढ़: हादसा होता है, खबर छपती है और फिर सब शांत… आखिर प्लांटों में मजदूरों की जिंदगी की कीमत इतनी सस्ती क्यों?

CHANDRAKANT TILLU SHARMA

CHANDRAKANT TILLU SHARMA

●प्रधान संपादक● छत्तीसगढ़ स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रहा, रायगढ़ जिले का नंबर 1, रायगढ़ के दिल की धड़कन “✒️टूटी कलम 📱वेब पोर्टल न्यूज़” जिसका कारण आप लोगों का असीम प्रेम है। हम अपने सिद्धांतों पर चलते हैं क्योंकि “इतिहास टकराने वालों का लिखा जाता है। तलवे चाटने वालों का नहीं” इसलिए पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। “बहते हुए पानी में मुर्दे बहा करते हैं” जिंदा लोग बहाव के विपरीत तैरकर किनारे पर आ जाते हैं। पत्रकारिता करने के लिए शेर के जैसा जिगर होना चाहिए और मन में “सोचना क्या जो भी होगा देखा जाएगा” होना चाहिए। आवत ही हरसे नहीं, 👀नैनन नहीं सनेह टिल्लू तहां न जाईए चाहे कंचन बरस मेह ।

Related Posts

टूटी कलम विशेष

एस पी शशि मोहन सिंह को राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने के बाद ™️ रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई ™️ऑपरेशन क्लीन हंट : फरार कुख्यात क्रिकेट सटोरिया सानू बेरीवाल दो साथियों समेत गिरफ्तार ™️

21st August 2026
टूटी कलम विशेष

छत्तीसगढ़ में ‘पार्षद पति’ कल्चर के पर कतर दिए गए  ™️ अब निकायों में  महिला जनप्रतिनिधियों की जगह रिश्तेदार नहीं बन सकेंगे प्रतिनिधि ™️

11th August 2026
टूटी कलम विशेष

नेत्रदान कर समाज को दिया मानवता का प्रेरणादायी संदेश ™️ मरणोपरांत दूसरों की आंखों से दुनिया देख सकेगी कुसुम जैन ™️

4th August 2026
टूटी कलम विशेष

भाजपा शासन काल के भ्रष्टाचार में ™️ अटल जी को भी नहीं बख्शा गया ™️ कांस्य की प्रतिमा निकली,सीमेंट कॉन्क्रीट की ™️

1st August 2026
टूटी कलम विशेष

शिक्षा, सम्मान और संवेदना का संगम ™️ वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी की मौजूदगी में एनटीपीसी लारा का मेगा सीएसआर अभियान ™️

30th July 2026
टूटी कलम विशेष

समाज से जुड़ाव, सपनों को उड़ान ™️ एनटीपीसी लारा के कर्मचारी बने बच्चों के भविष्य के सारथी ™️

26th July 2026

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Contact Us

टूटी कलम

About Us

सर्वाधिक लोकप्रिय व सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला न्यूज वेबसाईट है। पूरे देश विदेश सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश की सभी खबरों को प्राथमिकता के साथ प्रसारित करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है।

No Result
View All Result
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • छत्तीसगढ़
  • टूटी कलम विशेष
  • आध्यात्मिक
  • खेलकूद
  • विविध खबरें
  • व्यापार
  • सिनेमा जगत
  • हेल्थ
  • संपर्क

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In