टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम 🎤 न्यूज़ रायगढ़ 🌍 छत्तीसगढ़ ✈️…..तमाम विरोध के बावजूद इस वर्ष भी शहर के सावित्री नगर डिजनीलैंड,ट्रांसपोर्ट नगर में फन वर्ल्ड मीना बाजार सज धज कर तैयार हो चुके है। जिनकी वजह से पूरे भारत में प्रसिद्ध श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव की धूम इस साल फिर से होगी।मीना बाजार घूमने,झूला झूलने,खरीदी करने,खाने पीने,मनोरंजन करने आस पास के ग्रामीण क्षेत्रवासियों,शहर वासियों की भीड़ शाम 6 बजे से उमड़ने लगी है जो रात्रि 12 बजे तक शहर की सभी सड़कों पर देखी जा सकती है।
श्री श्याम मंदिर,गौरीशंकर मंदिर सज धज कर तैयार.… आगामी जन्माष्टमी पर्व को लेकर श्री श्याम मंदिर गौरी शंकर मंदिर एवं शहर के सभी मंदिरों में साज सजावट,आकर्षक विद्युत व्यवस्था की तैयारियां जोरों पर है। श्री श्याम मंदिर में स्वचालित झांकिया लग चुकी है।मंदिर को फुल बंगला का रूप देने कोलकाता की कारीगर दिन जुटे हुए है।
युवक संघ कर रहा 2 दिनों का भंडारा… शहर की अग्रणी समाज सेवा संस्था रामनिवास टॉकीज चौक स्थित युवक संघ के द्वारा प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी दिनांक 3 सितंबर सुबह 11 बजे से 4 सितंबर देर रात तक जन्माष्टमी मेला दर्शन करने आए श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भरपेट भंडारा का आयोजन किया जा रहा है। भंडारे की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि श्रद्धालु भक्त अपने हाथों से अपनी इच्छानुसार भोजन कर सकते हैं। लंबे चौड़े वाटरप्रूफ पंडाल के अंदर हजारों की संख्या में लोग आकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। पंडाल के अंदर सीलिंग फैन वाटर कुलर एवं लाइटिंग की व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को उमस का सामना न करना पड़े। भंडारा में दाल, चावल, पूरी, सब्जी, कढ़ी,मीठा आदि की व्यापक व्यवस्था की जा रही है। प्रसाद वितरण में युवक संघ के सदस्यों के अतिरिक्त अन्य संगठन भी सेवा देंगे। ज्ञात रहे कि युवक संघ के सुरेश गोयल पार्षद वार्ड नंबर 19 (एम आई सी) सदस्य के द्वारा कई वर्षों से पूरी गर्मी लगभग 4 माह तक राहगीरो को शीतल जल,शरबत,छाछ,आम पानी,जलजीरा आदि निः शुल्क पिलाया जाता है। जिसमें संघ के सदस्य श्रम करते है। इसी तरह से कंवार नौ रात्र में सांवरिया बिल्डिंग संजीवनी परिसर के अंदर माता दुर्गा की प्रतिमा बैठा कर 3 दिनों तक पूरे रीति रिवाज से पूजा पाठ की जाती है।युवक संघ का भव्य पंडाल एवं दुर्गा जी की मनमोहक प्रतिमा देखने दूर दराज से श्रद्धालु आते हैं। चौथे दिन इसी स्थान पर माता का भंडारा का आयोजन किया जाता है। यह परंपरा गत 3 दशकों से चली आ रही है।






