🔱 टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम 🎤 न्यूज़ रायगढ़ 🌍 छत्तीसगढ़ 🏹 रायगढ़ नगर पालिका निगम क्षेत्रान्तर्गत वार्ड नंबर 07 बड़े रामपुर में पेट्रोल पंप लगाने के लिए कारोबारी ने जो किया उससे अधिकारी भी हैरान रह गए। बताया जा रहा है कि कारोबारी ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की फेक एनओसी सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया था। एक अधिकारी ने इसे पकड़ा और वेरीफाई किया तो पता चला कि टीएंडसी से कोई भी एनओसी जारी नहीं की गई। पेट्रोल पंप लगाने के लिए विभागों की फर्जी एनओसी देने का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी सरिया के एक पेट्रोल पंप संचालक ने फेक एनओसी दी गई थी, जिसमें दो कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई थी। इस बार फिर से वही कहानी दोहराई गई है।
नगर तथा ग्राम निवेश विभाग से मिली जानकारी के अनुसार …श्लोक पिता विनोद अग्रवाल ने खनं 20 रकबा 0.0930 हे. डायवर्टेड और 21/1 रकबा 0.2790. हे कृषि भूमि में पंप स्थापित करने का आवेदन किया गया है। इंडियन ऑयल कंपनी के इस पंप को सभी विभागों से एनओसी नहीं मिली है लेकिन काम तकरीबन पूरा हो चुका है। लाइसेंस जल्दी पाने के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग का एनओसी प्रस्तुत किया गया था। फाइल जब अफसर के सामने पहुंची तो संदेह हुआ। उन्होंने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग सहायक संचालक एसएस कंवर से वेरीफाई किया। पता चला कि ऐसा कोई भी पत्र जारी ही नहीं किया गया। खुद ही सर्टिफिकेट बनाकर लगा दिया गया। इसके बाद कारोबारी को बुलाया गया और समझाइश दी गई। दोबारा से प्रोसेस करने का आदेश दिया गया। इसी वजह से अभी तक लाइसेंस नहीं मिला है।
इस मामले में 420 की कार्रवाई नहीं की गई। फर्जी एनओसी सामने आने के बाद मामले को अंदर ही रखा गया। कारोबारी को बुलाकर कहा गया कि वे इसे फिर से विधिवत तरीके से प्रस्तुत करें। जबकि कूटरचित दस्तावेज के आधार पर पेट्रोल पंप का लाइसेंस लेने के प्रयास में कार्रवाई होनी थी। जिस वजह से उक्त मामले हुए बहुत बड़े भ्रष्टाचार से इंकार नहीं किया जा सकता। टाउन एंड कंट्री विभाग की फर्जी सील मोहर हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर दस्तावेज बनाए गए थे। मगर इस मामले में टाउन एंड कंट्री विभाग पेट्रोल कंपनी के अधिकारियों की मिली भगत स्पष्ट झलक रही है. इन दोनों ने सरकारी दस्तावेजों में कूटरचित दस्तावेज मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।






