रायगढ़—– इन दिनों रायगढ़ तहसीलदार सीमा पात्रे अपने कार्यो की वजह से काफी सुर्खियां बंटोर रही है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम में लिये प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहे है परन्तु धनलोलुप व्यवसाई वर्ग कलेक्टर के द्वारा जारी की गई गाईड लाईन का मखौल उड़ाने से नही चूक रहे है। वहीं अब जिला प्रशासन भी अब पूरी सख्ती बरतने के मूड़ में आ गया है।
सुबह से शाम तक दफ्तरों में शासकीय कार्यो को निपटाने के बाद जिला प्रशासन के आला अधिकारियों की टीम कलेक्टर के आदेशों का पालन करवाने शहर में निकल पड़ती है और उलंघन करते पाये जाने व्यवसाईयो के प्रतिष्ठान सीधे सीलबंद कर 188,269,270 के अतिरिक्त कलेक्टर के आदेश की अवहेलना का मामला पुलिस में दर्ज करवाया जा रहा है।
प्रशासन द्वारा व्यवसाय करने का पर्याप्त समय देने के बावजूद और अधिक कमाने की चाह रखने वाले लोलुप किस्म के व्यवसाई अपना नुकसान स्वयं कर रहे है। बतलाया जा रहा है कि शाम को एस डी एम उर्वशा ने नगर भ्रमण कर दुकानदारों से समय सीमा के बाद दुकाने खुली पाई जाने पर बंद करने की समझाईस दी गई थी परन्तु दुकानदारों ने भोले भाले अधिकारी की समझाईस को हल्के में लेकर अनसुनी कर अपनी दुकानदारी चालू रखी थी।
तभी व्यवसाईयों की शिकायत तहसीलदार सीमा पात्रे तक जा पहुंची और वे अपने लाव लश्कर सहित ढिमरापुर जा पहुंची जहां होटल मुरारी द किचन में ग्राहकों को नाश्ता परोसा जा रहा था एवं पार्सल भी किया जा रहा था। जिसे देखकर डिप्टी कलेक्टर सीमा पात्रे का मूड उखड़ गया एवं उन्होंने अपने मातहतों से होटल सील करने के आदेश देकर होटल को सील किया गया। जिसके बाद सीमा पात्रे का अमला सुभाष चौक स्थिति दिनशॉ आइसक्रीम पार्लर जा पहुंचा। जहां पाया गया कि आइसक्रीम पार्लर के संचालक द्वारा कोविड 19 के नियमो का उलंघन कर ग्राहकों को ठंडी ठंडी आइसक्रीम खिलाकर तय समय सीमा के बाद भी पार्लर खुला पाया गया जिसे भी सीलबंद कर तहसीलदार का जत्था आगे बढ़ा तो एम जी रोड स्थित पंडित भोजनालय बासा में संचालक अभिषेक मिश्रा द्वारा ग्राहकों को बैठाकर भोजन करवाना पाया गया।जिसे भी तहसीलदार सीमा पात्रे ने सील बंद करवाकर। देर तक दुकान खोलने वालो के मंसूबो पर पानी फेर दिया है। तहसीलदार सीमा पात्रे ने बतलाया कि उक्त कार्यवाही कलेक्टर के आदेश मिलने तक जारी रहेगी। आज की इस कार्रवाई से तहसीलदार को सब जानने लगे है तो समय सीमा विरुद्ध दुकान खोलने वाले रसूखदारो की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई है।








