रायगढ़——– कलेक्टर भीम सिंह ने नवरात्र,दशहरा, धनतेरस, दीपावली के मद्देनजर 7 माह से मंदी की मार झेल रहे व्यवसाय जगत में प्राण फूंकने के लिए। व्यापारियों को व्यवसाय करने की समय सीमा बढ़ा दी है। जिसकी सुगबुगाहट इस सप्ताह के शुरुआती दिनों से ही हो गई थी। इधर कलेक्टर ने आदेश जारी किए उधर चेम्बर अपनी पीठ स्वंय थपथपाने से बाज नही आया।
हमेशा से प्रशासन का विरोध करने वाले चेम्बर की बातें कलेक्टर भला क्यूं मानेंगे? बाजार खुलने का समय हो कि बंद करने का समय हो,कोविड19 के नियमो का उलंघन पर सिलबन्दी,जुर्माने की कार्यवाही हो,ब्लैकमेलरों पर कार्यवाही हो,सड़क चौड़ीकरण का मामला हो,अवैध अतिक्रमण हटाने का मामला हो,जितने भी गैर कानूनी मामले होते है चेम्बर प्रशासन के विरोध में खड़ा रहता है। प्रशासन के हर कार्य मे चेम्बर की टांग अड़ी रहती है।
चेम्बर ने कोरोनाकाल में प्रशासन, गरीब,कमजोर तबके के लोगो की क्या मदद की है। इसका कोई एक उदाहरण खोजने पर भी नही मिलेगा। कोरोना से बचाव के प्रचार प्रसार में कितना सहयोग दिया है। अप्रवासी मजदूरों के लिए कुछ व्यवस्था की थी क्या? खाद्य सामग्री आदि प्रशासन को उपलब्ध करवाई क्या? रायगढ़ पुलिस के रक्षा एक मास्क की के गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाने के लिए कितने मास्क चेम्बर ने उपलब्ध करवाये या बंटवाने में सहयोग प्रदान किया।
महज स्वंय के लिए रेलवे का पास हासिल कर लेना ही अपनी उपलब्धि मानने वाले चेम्बर ने हमेशा से प्रशासन की खिलाफत की है। निर्धारित समय सीमा के बाद भी दुकाने खोलने वाले व्यापारियों को चेंबर ने समझाईस क्यो नही दी। इसके विपरीत प्रशासन के द्वारा की गई चालानी कार्यवाही का विरोध कर माहमारी अधिनियम का समर्थन किया है।






