रायगढ़—— कोविड19 से प्रभावित शहर में मां जगत जननी की पूजा पाठ में दिखावे,प्रतिस्पर्धा, भव्यता में कमी जरूर आई है परन्तु कई दशकों से चली आ रही सप्तमी,अष्टमी, नवमी पर माता को जगह जगह विराजित करने की परंपरा न टूटे इसलिये शहर के सभी दुर्गा समितियां शासन के निर्देशानुसार दुर्गा पूजा का आयोजन कर रहे है। पंडाल,विद्युत सजावट,प्रसाद,भंडारे का नाममात्र ही रह सकेगा। इसके बावजूद शहर की दुर्गा समितियों के युवाओं में वही जोश बरकरार है। लगभग सभी समितियो ने माता को विराजित करवाया है।इस बार कर्णप्रिय भजन *काश्मीर के साथ साथ मे पूरा पाकिस्तान दो* सुनाई नही पड़ रहा है।
दुर्गा समितियों को चाहिए कि इस बार पंडालों में कोरोना से सावधानियां युक्त स्लोगन वाले पोस्टर लगाकर प्रचार प्रसार करे साथ ही,लाउडस्पीकर पर निरंतर चलाते रहें “2 गज की दूरी,मास्क है जरूरी” हांथो को साबुन से बार बार धोवें,सेनेटाइजर का उपयोग करें,अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें,सर्दी,खांसी,बुखार होने पर तुरंत अस्पताल में ईलाज करवायें, खांसते या छींकते समय नाक,मुंह पर कपड़ा रखें,जरा सी लापरवाही कहीं बड़ी बात न बन जाये,लोगो से हाँथ न मिलाये, भारतीय अभिवादन नमस्ते अपनाये,10 साल से कम,65 साल से ऊपर वालो का पूरा ख्याल रखें आदि की समझाईस देते रहें।
अगर जीवन रहेगा तो कई दुर्गा पूजा देखना बाकी रहेगा। अपने घर मे आक्सिमिटर रखकर आक्सीजन लेबल नियमित चेक करते रहे। 90 से कम आने पर तुरंत चिकित्सीय शरण लेंवे।






