रायगढ़——-शहर से सटे चक्रधरनगर थाना अंतर्गत गांव संबलपुरी के जंगल मे क्षत विक्षत अवस्था मे मिले नरकंकाल को लेकर अनेको भ्रांतियां उतपन्न हो गई है। नरकंकाल के डी एन ए टेस्ट के बाद छाया कुंहासा छटने की संभावना है कि मृतक कौन था एवं उसकी हत्या की गई थी या वह किसी हादसे का शिकार हुआ था। बतलाया जा रहा है कि कुछ रोज पहले एक युवक का शिव शक्ति प्लांट के कुछ लोगो से विवाद हुआ था। जिसके बाद से युवक लापता हो गया था। उसकी बाईक सड़क किनारे खड़ी पाई गई थी।
अब यहां यह बतलाना लाजिमी होगा कि संबलपुरी के जंगल मे नरकंकाल सर्वप्रथम भेड़, बकरी चराने वाले ने देखा था तो उसने सर्वप्रथम इसकी इत्तला नवागांव में रहने वाले सत्यानंद त्रिवेदी को दी जिसका भाई पिछले कुछ दिनों से लापता था। अब यहां प्रश्न यह उठते है कि चरवाहा ने गांव के सरपंच,कोटवार,पुलिस को सूचना न देकर सत्यानंद को ही सूचना क्यो दी ? चरवाहे के पास सत्यानंद का नम्बर कहां से आया ? उस चरवाहे को कैसे मालूम हुआ कि सत्यानंद का भाई लापता है ? चरवाहे को क्यो लगा कि कंकाल सत्यानंद के भाई का ही है ? शिव शक्ति प्लांट वालो से झगड़ा हुआ था,इसके क्या प्रमाण है ? जब झगड़ा होने पर कोई पैदल भाग सकता है तो वह मोटरसाइकिल से भी भाग सकता था? बरहाल अपराध कभी नही छिपता देर सबेर संबलपुरी के जंगल मे मिले नरकंकाल पर से पर्दा जरूर उठेगा। तब पूरे मामले की हकीकत सामने आयेगी। कहते है भाई से बढ़कर कोई दोस्त नही होता और भाई से बढ़कर कोई दुश्मन भी नही होता। चक्रधरनगर थाने के तेजतर्रार थानेदार अभिनवकान्त इस पर से कब पर्दा उठाएंगे यह देखना है। यह मामला पेचीदा भरा हो सकता है पर असम्भव नही।







