रायगढ़—-पिछले कई वर्षों से रायगढ़ से धरमजयगढ़ मार्ग की दुर्दशा कलेक्टर भीम सिंह के मजबूत इरादों से सुधरने जा रही है। कोयले,एगार्ड, लोहे से लदे भारी भरकम समानों के परिवहन के कारण सड़के खेतो का रूप ले ली है 12 टन की क्षमता वाली सड़को पर 35,40 टन के वोल्वो दौड़ रहे है । देखने पर लगता है कि सड़कों पर मालगाड़ी की बोगी चल रही है।
अगर सड़को को सही जीवन देना है तो ओड़िसा,बंगाल,महाराष्ट्र, दिल्ली,बेंगलुरू,हैदराबाद के ठेकेदारों को ठेका दिया जाना चाहिए क्योंकि यहां के ठेकेदारों को ठेका देना मतलब हल्की बारिश में सड़क का टूट जाना, पुल पुलिया बह जाने का कारण बन जायेगा और रिपेयरिंग के नाम पर ठेकेदार अपने हाथ खड़े कर देवेंगे।जिले में पिछले सालों में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी सभी सड़के टूट फुट चुकी है और ठेकेदार विदेश घूमने में ही मस्त रहते है।
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत प्राची विहार अतरमुड़ा से बोन्दाटिकरा जाने वाला 1 किलोमीटर का मार्ग अपने साथ हुए भ्र्ष्टाचार की कहानी बयां कर रहा है। जब पी डब्लू डी के ठेकेदारों द्वारा निर्मित इतनी छोटी सड़क के निर्माण में इतनी धांधली हो चुकी है तो 110 किलोमीटर लंबी बनने वाली सड़क के बाद तो अधिकारी,ठेकेदार हेलीकॉप्टर में उड़ने लग जायेंगे।अभी अधिकारी अपने कार्यालय में नही मिलते तो बाद में इनका पता बताने वालों को इनाम देने की घोषणा करनी पड़ सकती है।







