रायगढ़—— नवरात्र के अंतिम दिन और रविवार की वजह से कोविड19 के मद्देनजर रविवार को बंद रखा जाने वाला बाजार रोजाना की तरह ही खुलेगा। इसे त्यौहार का उपहार समझा जाये या फिर कोरोना माहमारी के फैलाव को रोकने के लिए उठाया गया कदम समझा जाये। न बाजार बंद होगा न मंदिरों,दुर्गा पंडालों में दर्शन के नाम पर अनावश्यक भीड़ उमड़ेगी। इससे व्यवसाई भी खुश हो गए और प्रशासन का सरदर्द भी कम हो गया।लोग दिनभर दुकानदारी करेंगे या अपने परिवार वालो के साथ घूमने निकलेंगे। रात्रि 8 बजे के बाद घूमने वालो पर सख्ती बरती जाने में भी आसानी होगी। इसे कहते है आई ए एस ब्रेन जो कि लोगो की सोच से बहुत अलग सक्रिय होता है।कलेक्टर के नये आदेश के बाद फेसबुकिया लोगो मे श्रेय लेने की होड़ सी लग गई। लोग अपनी अपनी पीठ थपथपाने में लग गए।जबकि कलेक्टर ias को समझाना मतलब सूर्य को दिया दिखलाने के समान होता है।मजेदार बात यह है कि अपने आप को स्वंयभू घोषित पत्रकार,कलमवीर भी लिखे पड़े है। त्योहारी सीजन, त्योहारी सीजन क्योंकि dsr, कॉपी पेस्ट,समाचारों की चोरी को ही कुछ लोग पत्रकारिता समझते है। कलम चलाना,दिमाग खपाना,बातों को समझना हर किसी के बूते की बात नही है। चेम्बर खुश,व्यपारी खुश,कलम वाले खुश,भक्तजन खुश,दुर्गा समिति वाले खुश,इतने सारे लोगो को खुश करना ias या ips ही कर सकते है।








