रायगढ़—– देश मे मनाये जाने वाले 5 दिवसीय पर्व धनतेरस,रूप चौदस,दीपावली,अन्नकूट,भाईदूज से पर्व मनाने की शुरुआत हो जाती है। जिसके बाद देवउठनी एकादशी(तुलसी विवाह) के बाद से शादी-विवाह के शुभ मुहर्त निकाले जाते है। इस 5 दिवसीय पर्व को मनाने के लिए लोग सालभर पाई पाई जोड़ता है और अपने सामर्थ्य के अनुसार खर्च करता है। इन 5 दिनों में लूटने-खसोटने वाले व्यवसाई भी सक्रिय होकर लोगो की जेबों पर डाका डालने में कोई परहेज नही करते। लगभग हर व्यवसाई इन 5 दिनों में लगभग 6 माह घर खर्च, भरण पोषण का जुगाड़ कर लेता है। इन सब व्यवसाईयो में अगर सबसे अधिक कोई कमाता है तो वह है मिष्ठान(मिठाइयों) का व्यवसाय करने वाले होटल वाले
इस 5 दिवसीय पर्व पर मिठाइयों की खरीदी हर तबके के लोग अपनी जरूरत के अनुसार अवश्य करते है। जिसका भरपूर फायदा हलवाई लोग निःसंकोच उठाते है। बड़े बड़े होटल वाले कोलकाता से हलवाई बुलवाकर पर्व के 1 सप्ताह पूर्व से ही मिठाई बनवाकर अपने गोदाम भरने लग जाते है। होटलों में बनने वाली मिठाईयां एक तो बासी हो जाती है दूसरे मिठाई बनवाने के लिए होटल वाले अन्य राज्यो से नकली घी,नकली खोवे की आवक का इंतजाम किए रहते है। जिसे की मावा भी कहते है। इनसे बनने वाली मिठाईयां मानव शरीर के लिए घातक एवं जहरीली होती है। जिससे कई तरह की बीमारियां जन्म लेती है। यहां तक कि कमजोर पाचन शक्ति वालो की जान भी जा सकती है।
कोरोना काल मे यह महापर्व पहली बार मनाया जायेगा तो जाहिर सी बात है कि लाकडाउन में सबसे ज्यादा प्रभावित हुए रेस्टोरेंट्स, होटल वाले,इस पर्व पर कमाने से कोई गुरेज नही करेंगे।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन पर्वो पर मिठाई व्यवसाय भरपूर होगा। जिसकी खातिर मिठाई दुकान वाले नकली घी एवं नकली खोवे का उपयोग करने से नही चूकेंगे। इसलिए इन्होंने नकली घी एवं मावा का आर्डर ओड़िसा एवं महाराष्ट्र दिया जा चुका है। जिसकी आवक सम्भवतः 5 तारीख के बाद शुरू हो सकती है।
सम्भवतः संवेदनशील कलेक्टर भीम सिंह के आदेश पर नगर पालिका निगम,स्वास्थ्य विभाग, खाद्यय विभाग,फूड एवं सेफ्टी विभाग,नाप तौल विभाग,खाद्य एवं औषधि विभाग,क्वालिटी कंट्रोल विभाग,गुप्तचर विभाग, पुलिस विभाग आदि मिठाई कारोबारियों,दूध विक्रेताओं पर पैनी निगाह रखने के साथ ही शहर में घुसने वाले वाहनों एवं ट्रेनों पर सतत निगरानी रख सकते है। जिससे मानवीय स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालो पर रोक लगाई जा सके। घर पर भी जो खोवा,घी लायें उसकी पूरी गुणवत्ता परख कर लायें क्योंकि थोड़ी सी भी लापरवाही पड़ सकती है भारी। इसलिए जब तक दवाई नही तब तक ढिलाई नही। इसलिये होटलों में बनी मिठाइयों के सेवन से बचे,इसकी जगह सोन पापड़ी,बताशे,बूंदी,बेसन,गोंद, के लड्डू,आगरे का पेठा,खुरमे आदि का उपयोग करें एवं उपहार लेने देने में ड्राई फ्रूट्स को चलन में लावें।जनहित में जारी——————–







