रायगढ़/सारंगढ——– पिछले 4 दिनों से पुलिस एवं पत्रकार विवाद मे जमकर आरोप प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। पत्रकारो का एक गुट थाना प्रभारी का विरोध कर रहा है तो दूसरा गुट एस डी ओ पी का विरोध कर रहा है। दोनों ही अधिकारियों के पक्ष एवं विपक्ष मे लॉबिंग की जा रही है। सत्य अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा की जांच के बाद ही सामने आयेगा परन्तु तब तक सोशल मीडिया मे यही मुद्दा गहराया रहेगा। इससे पुलिस की छवि जनता के बीच खराब होती रहेगी।
सारंगढ के पत्रकार भरत अग्रवाल ने एस डी ओ पी पर दुर्व्यवहार एवं गाली गलौच लगाया गया है और वीडियो वायरल किया गया है। इस सम्बंध में यह बात छनकर सामने आ रही है कि जो वीडियो वायरल हुआ है। वह भरत अग्रवाल के बयान देने के समय का नही है। भरत अग्रवाल ने कोई बयान ही नही दिया है। जो वीडियो छाया हुआ है। वह किसी अन्य का है। बतलाया जा रहा है कि उगाहीबाज को धमकाने का पुराना वीडियो है। जिसे उचित अवसर देखकर वायरल कर सहानुभति बंटोरने के लिए सुरक्षित रखा गया था। जिसे सोची समझी चाल पर वायरल किया गया है। यह सच जांच करने के समय साबित हो सकता है। अब देखना यह है कि तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक इस मामले मे क्या ठोस कदम उठाते है। बतलाया जा रहा है कि प्रदेश के गृहमंत्री एवं पुलिस अधीक्षक के आदेशों को प्रभावित करने के लिए उक्त एपिसोड बनाया गया है ताकि इन लोगो के पिछले आदेश से दिमाग भटकाया जा सके। इस एपिसोड में सारंगढ के कुछ पत्रकार रायगढ़ के पत्रकारो का संग किये है तो कुछ पत्रकार सारंगढ के पत्रकारो के साथ लॉबिंग कर रहे है। सारंगढ के थानेदार हो कि एस डी ओ पी हो इन दोनों के अपने अपने पत्रकार गुट है। जिससे सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसमे होना केवल इतना ही है कि पुलिस के इन दोनों अधिकारियों के क्षेत्र बदल दिए जाएंगे मगर इस विवाद से कितनी किरकिरी हुई है और हो रही है। इसे पान दुकानों,ठेले,गुमटियों,होटलों में सुना जा सकता है।








