रायगढ़——– गुरु घासीदास जयंती के दिन शहर से काफी दर्दनाक खबर निकलकर सामने आई है। बतलाया जा रहा है कि उर्दना तिराहे के आगे भगवानपुर के पास शहर की सबसे रिहायशी कालोनी “वृंदावन” है। जिसमें 1 भूखंड पर किसी अनिल केडिया नामक सख्स के मकान निर्माण का कार्य चल रहा है। जिसकी छत की ढ़लाई करने के लिये मजदूरों द्वारा सेंट्रिग कर छड़ बांधने का कार्य किया जा रहा था कि अचानक कुछ ही ऊंचाई से गुजरे हाई टेंशन विद्युत तारो से लोहे की छड़ो का सम्पर्क हो गया। जिस वजह से दो मजदूरों के प्राण पखेरू उड़ गए। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीएम युगलकिशोर उर्वशा,कोतरारोड थाना प्रभारी चमन सिन्हा, निगम एवं विद्युत विभाग के आला अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचकर घटना के कारणों की बारीकी से जांच कर रहे है। मृतकों के सम्बंध में बतलाया जा रहा है कि वे लोग सारंगढ़ थानाक्षेत्र के रहने वाले थे जो कि ठेकेदार के मातहत कार्य करते थे। मृतकों के परिजन 10 लाख ₹ के मुआवजे को लेकर अड़ गए है। जबकि उनको तुरन्त 50 हजार ₹ की सहायता राशि उपलब्ध करवाई गई थी परन्तु उसे लेने से इंकार कर दिया गया। बतलाया जा रहा है कि मृतकों के परिजनों 10 लाख ₹ मिलने पर ही पंचनामा की कार्यवाही होने देने पर लाश उठाने देने के लिए अड़े हुए है।
इसे शायद असावधानी से हुई चूक ही कहा जा सकता है। मकान मालिक ने निर्माण का ठेका ठेकेदार को दे दिया। ठेकेदार ने मजदूरों को समझाकर कार्य पर लगा दिया। इसमे गलती या चूक पर मालिक एवं ठेकेदार पर दोषारोपण करना सही नही है।
नर नही होत है समय होत बलवान है जब महीनों से चल रहे निर्माण कार्य मे कोई घटना नही हुई और आज घट गई तो इसे समय कालचक्र कहा जा सकता है। कुछ इससे भी जोखिम भरा कार्य यातायात कार्यालय,रतेरिया धर्मशाला के सामने पहले नम्बर की दुकान के निर्माण कार्य में देखा जा सकता है। जिसमे विद्युत तार दुकान के पहले तल में लगभग अंदर ही आ गए है। जिस पर विद्युत विभाग, निगम प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए। ताकि भविष्य में कोई अनहोनी न हो सके।






