रायगढ़——-पूर्व कलेक्टर अमित कटारिया की योजना शहर के सभी तालाबो को अतिक्रमण से मुक्त करवाकर सौंदर्यीकरण करवाने की थी परन्तु दूरदर्शी सोच के धनी कलेक्टर अमित कटारिया का तबादला होते ही। योजना धरी की धरी रह गई और मास्टर प्लान की फाइलें किसी अंधेरी कोठरी में फेंक दी गई। कलेक्टर अमित कटारिया एवं निगम कमिश्नर के तबादले के बाद कई कलेक्टर और कमिश्नर आये और गये परन्तु किसी ने भी शहर से लुप्त होती तालाबो के उन्नयन से सरोकार नही रखा। जिसकी वजह से भूमाफियाओ की कुदृष्टि तालाबो पर पड़ गई। जिससे कई तालाब पाटी जा चुकी है और पट रही है। जिसे भूमाफिया बकायदा फ्लाटिंग कर लील रहे है।

बाघ तालाब,बूढ़ी माई तालाबो में बोटिंग करने का देखा गया था दिव्यस्वप्न—– अमित कटारिया के कार्यकाल में शहर की दो बड़ी तालाबो बूढ़ी माई एवं बाघ तालाब में शहर वासियों के मनोरंजन के लिए बोटिंग करने की कार्य योजना बनाई गई थी। जिसके लिए बाकायदा तालाबो से जलकुंभी निकलवाकर बोट हाउस,टिकटघर बनवाकर बोट भी मंगाई जा चुकी थी परन्तु शहर वासियों के बोटिंग करने का सपना तो साकार न हो सका परन्तु खर्च किये गए लाखो रुपये जरूर पानी मे चले गए। समय के साथ उक्त दोनों तालाबो का रकबा भी कम होकर अतिक्रमण की भेंट चढ़ गए जो आज भी बदस्तूर जारी है।
अतरमुड़ा तालाब,कैदीमुड़ा तालाब क्या नक्शे से गायब हो गए—- शहर की बड़ी तालाबो में शुमार इन वार्डो की तालाब को पूरी तरह से अतिक्रमण कर चारो तरफ से घेरा जा चुका है। सड़क चौड़ी करण के समय कैदीमुड़ा तालाब के मुहाने पर अतिक्रमितो को अन्य स्थल पर जमीनें भी दी गई थी परन्तु कैदीमुड़ा तालाब के मुहाने से अतिक्रमण तो नही हटा अलबत्ता उन लोगो को जमीनें भी मुफ्त में हथिया कर अपने आशियाने ठोंक डाले। जिन्हें किराये पर देकर माहवारी आय का साधन बना लिया गया। अतरमुड़ा तालाब तो पूरी कालोनी का रूप ले चुकी है। जिसे वहां के भूमाफियाओ ने पूरा बेच खाया है। 15 साल भाजपा की सरकार राज्य में होने का पूरा फायदा स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भरपूर उठाया। अब इस तालाब को अस्तित्व में लाना किसी भी रूप में संभव नही है।
कुम्हारपारा अंश होटल के सामने,सेवाकुंज जिंदल फैशन के सामने,मिठ्ठूमुड़ा,राजीव गांधी नगर,आदि के सामने की कूड़ा दान बन चुकी तालाबे अपने सौन्दर्यकरण की बांट जो रहे है।
मछली पालन के लिए तालाबो को लीज पर देकर अस्तित्व बचाया जा सकता है साथ ही लोग मछलियों को दाना आदि देकर पुण्य भी कमा सकेंगे। लीज पर देने के बाद अतिक्रमण हो जाने की आशंका भी खत्म हो जायेगी। लोगो को मार्निंग,इवनिंग वाक के लिए ज्यादा भटकना भी नही पड़ेगा। सौंदर्यीकरण भी स्वतः हो जाएगा
मजदूर लगाकर की जा रही शहर के तालाबों की सफाई-कमिश्नर पाण्डेय
0 4 तालाबों की सफाई पूर्ण 4 में चल रहा है कार्य
रायगढ़—– निगम कमिश्नर आशुतोष पाण्डेय के निर्देश पर शहर भर के तालाबों की सफाई करने कार्य योजना तैयार की गई है। इसमें 4 बड़े तालाबों की सफाई कार्य पूर्ण हो गया है। इसी तरह 4 तालाबों में सफाई कार्य चल रहा है। तालाबों की सफाई हो जाने से मोहल्ले के लोगों को निस्तारी की सुविधा मिल रही है।
शहर के जनप्रतिनिधियों द्वारा शहर के तालाबों की सफाई की मांग की जा रही थी। इसे देखते हुए कमिश्नर आशुतोष पाण्डेय ने शहर भर के तालाबों की सफाई के लिए कार्य योजना तैयार कराई। पूर्व में 5 लाख व 3 लाख के टेंडर जारी कर तालाबों की सफाई कराई जा रही थी, जिसमें गुणवत्ता के साथ कार्य नहीं होने की शिकायत रहती थी। इसे देखते हुए ही इस बार तालाबों की सफाई के लिए कुशल 16 कर्मचारी रखकर तालाबों की सफाई कराई जा रही है। इसमें तालाबों की सफाई बेहतर तरीके से होने के साथ ही लागत भी बहुत कम लग रही है। कमिश्नर आशुतोष पाण्डेय ने कहा कि सुघ्घर रायगढ़ की परिकल्पना में शहर भर के तालाबों की सफाई और सौंदर्यीकरण कार्य भी शामिल है। इस लिए भी तालाबों की सफाई कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पतरापाली, भगवानपुर ऊपर मोहल्ला, रिया पारा तालाब, सराई भद्दर तालाब की सफाई कार्य पूर्ण हो गया है। इसी तरह फटहामुड़ा, सहदेव पाली, छाता मुड़ा, धांगर डीपा तालाब सफाई कार्य चल रहा है, जोआने वाले दो-तीन दिनों में पूर्ण हो जाएगा। तालाबों की सफाई होने से आसपास रहने वाले मोहल्ले के लोगों को निस्तारी की सुविधा मिल रही है। इसी तरह तालाबों की सफाई होने से जनप्रतिनिधियों एवं लोगों ने निगम प्रशासन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।
शहर में करीब 48 तालाब
शहर के सभी वार्डों में करीब 48 तालाब हैं। इसमें से कुछ तालाब सूख गए हैं, कुछ तालाबों में जल भराव का स्तर कम है और अन्य तालाब पानी से भरे हुए हैं। सूखे हुए तालाब के को व्यवस्थित ढंग से गहरीकरण और पानी लाने की व्यवस्था संबंधित कार्ययोजना बनाने और पानी से भरे तालाबों की समुचित सफाई कराने के निर्देश कमिश्नर आशुतोष पाण्डेय ने दिए हैं।




