रायगढ़——थाना कोतवाली एवं थाना कोतरारोड के मध्य में किसी वकील के मकान में मोटे किराये पर संचालित जी जी हुक्काबार लगातार सुर्खियों में होने के बावजूद पुलिस,जिला प्रशासन, आबकारी विभाग की मेहरबानी से लगातार दिन दुगुनी रात चौगुनी तरक्की कर शहर की भावी एवं युवा पीढ़ी को गर्त में धकेलने में पूरे मनोयोग से लगा हुआ है। विदित रहे कि कोरोनकाल में लाकडाउन के समय भी यह हुक्काबार संचालित था। कुछ एक जागरूक लोगो की वजह से 2 बार पुलिसिया कार्रवाई की गई। गौरतलब यह है कि कोतरारोड के तत्कालीन थाना प्रभारी युवराज तिवारी ने अपने थाना क्षेत्र से बाहर सिटी कोतवाली क्षेत्र में संचालित जी जी हुक्काबार पर छापेमारी कर आपत्तिजनक नशे के समान के अतिरिक्त सभ्रांत कहलाने वाले कई घरों के नाबालिग लड़के लड़कियों को पकड़ा था परन्तु नियम कानून की सीख देते हुए उन्हें मौके पर ही रजिस्टर में नाम पता आदि लिखकर मुचलके पर छोड़ दिया गया था। यहां तक कि नाबालिगों के अभिभावाको को भी न सूचना न दी गई और न उन्हें उपस्थित होने के आदेश दिए गए थे। हुक्काबार को सिलबन्दी कर संचालक को कोतवाली लाकर अगले दिन छोड़ दिया गया। इस कार्रवाई से अति उउत्साहित होकर अगले दिन से ही पुनः नशे के समान परोसने वाली बार पुनः शुरू कर दी गई।
हुक्काबार को भाजपा के कद्दावर नेताओ का वरदहस्त प्राप्त है—- बतलाया जाता है कि उक्त हुक्काबार का संचालक किसी वरिष्ट भाजपा नेता का पोता है। उक्त नेता कानूनी दांवपेंच में सिद्धस्त माना जाता है साथ ही इनके सर पर भाजपा के पूर्व विधायक का हाथ होना जनचर्चा है। राजनीतिक रशुख के आगे प्रशासन नतमस्तक हो जाता है। वर्तमान विधायक का भी इस ओर से नजरें फेर लेना एक अलग ही कहानी बयाँ करती है।
कोतवाली के भीतर मारपीट का कारण भी है जी जी हुक्काबार—-जनचर्चा के अनुसार पिछले दिनों पुलिस की मौजूदगी में दो पक्षों ने कोतवाली के भीतर आपस मे गाली गलौज, मारपीट की गई। जिसका कारण जी जी हुक्काबार में उपजे विवाद की परिणीति थी। बतलाया जा रहा है कि दो पक्षों के दो लोगो मे पुरानी रंजिश को लेकर तकरार हुई। जो चांदनी चौक में सिर फुटौव्वल में तब्दील हो गई। बाद में दोनों पक्षों के लोग रिपोर्ट दर्ज करवाने सैकड़ो की संख्या में थाना पहुँच गये थे। जहां फिर एक बार मारपीट शुरू हो गई और पुलिस कर्मी पर्याप्त बल एवं थाना प्रभारी के न होने से बीच बचाव करने में मशक्कत करते नजर आये।
क्या जी जी हुक्काबार पर पुलिस कार्यवाही करने का साहस जुटा पायेगी—- थाने के भीतर हुई मारपीट को लेकर नवपदस्थ थानेदार के के सिंह किस तरह का रुख अपनाते है। इस सोच से नगरवासी उनके कार्यो की समीक्षा कर रहे है। साथ ही संवेदनशील ऊर्जावान पुलिस अधीक्षक से भी शहर में पनप रहे असमाजिक तत्वो का जुलूस निकालने के लिए आशावान है। 1-2बार असमाजिक तत्वों का जुलूस शहर में निकालकर घुमाकर पुलिस का ख़ौफ कायम किया जा सकता है। बरहाल पुलिस को जी जी बार सरीखे स्थानों पर लगातार दबिश देनी पड़ेगी ताकि शहर में शांति व्यवस्था कायम की जा सके।




