राष्ट्रीय चैनल,प्रादेशिक चैनल k माध्यम से मेहनतकश भोले भाले ग्रामीणों की वर्षो से त्याग,तपस्या,साधना कर कमाये गए धन को सरकारी नोकरी दिलाने के नाम पर लगभग 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। मामला हालांकि पुराना है परंतु बहुत गम्भीर है क्योंकि नोकरी दिलाने के नाम पर मोटी धनराशि लेकर सरकारी विभाग की सील मुहर लगे,हस्ताक्षर युक्त फर्जी नियुक्तिपत्र थमा दिए गए थे। ड्यूटी ज्वाइन करने गए ग्रामीणों को फर्जी नियुक्तिपत्र दिए जाने की असलियत का मालूम हुआ। तब ग्रामीणों ने थाने का रुख किया मगर पत्रकार ने अपनी भोली भाली शक्ल एवं मीठी जुबान का सहारा लेकर घड़ियाली आंसू बहाकर थानेदार का भी दिल पसीजा दिया साथ ही मोटी भेंट पूजा भी समर्पित कर डाली। तब ग्रामीणों ने न्यायलय का दरवाजा खटखटाया परन्तु शातिर पत्रकार ने शिकायतकर्ताओं के आगे रोते हुए। अपनी पुश्तैनी जमीन बेचकर उनकी धनराशि लौटाने का आश्वाशन दिया गया एवं ग्रामीणों से ठगी गई धनराशि को लौटाने के नाम पर उनसे उधार में रकम लेना लिखवा लिया गया। जो कि ठगबाज पत्रकार के लिए ब्रम्हास्त्र बन गया। परन्तु अपराध तो अपराध होता है। जो कहीं न कहीं सबूत छोड़ देता है। इस मामले को दबाने में आरोपी भले ही सफल हो गया है परंतु ग्रामीणों को दिए गए फर्जी सरकारी नियुक्तिपत्रो की सूक्ष्म जांच से पूरा खुलासा हो सकता है। पत्रकार के कारनामो की लंबी फेहरिस्त है। इस विषय मे चैनलो को भी अवगत करवाया जाएगा ताकि वे भी इसपर संज्ञान लेकर अपने चैनलो की साथ बरकरार रख सके। चैनलो के माध्यम से व्यवसाइयों,अधिकारियों की लगातार शिकायते भी मिल रही है। जिनका खुलासा भी प्रमाणित तौर पर किया जायेगा।






