रायगढ़—–कोरोना माहमारी के वायरस से निपटने के लिए पूरा संसार जूझ रहा है। वहीं टीकाकरण का कार्य जोरशोर से चल रहा है। टीके करण को लेकर भारी ऐतिहात भी बरता जा रहा है। वैक्सीन के रख रखाव के लिए बाकायदा अलग शीतगृह तक बनाये गए है। वैक्सीनेशन सेंटरों पर मास्क,हेंडग्लोब पहनने की शायद अनिवार्यता होनी चाहिए। मगर बगैर हेंडग्लोब पहने टीका लगाना कहां तक उचित है।
ड्रिंकिंग वाटर एक्वा ब्लू का हो रहा मुफ्त में प्रचार प्रसार क्या स्वास्थ्य विभाग के इतने दिन बुरे आ गए कि सर्जिकल स्परिट से भीगे रुई के फाहे के लिए उपयोग पानी की बोतल काटकर उपयोग किया जा रहा है या फिर पानी बेचने वाली कंपनी अपने प्रचार प्रसार के लिए स्वास्थ्य विभाग को नजराना भेंट कर रहा है। आधी कटी हुई बॉटल में रुई के स्परिट से भीगे फाहे का असर वैसे भी हवा के संपर्क में पड़े रहने के कारण से कम हो जाता है। स्वास्थ विभाग को ध्यान देना होगा कि टीकाकरण कक्ष में कोई ऐसी वस्तु न रहे जो प्रचार प्रसार करने के दायरे में आ जाये। क्या एक्वा ब्लू स्परिट या रुई के फाहे बनाने वाली कंपनी है ? अगर नही तो फिर मुंह लगाकर पानी पीने के बाद झूठी हो चुकी बोतल का उपयोग काटकर क्यूँ किया जा रहा है। क्या इससे संक्रमण फैलने का खतरा नही है ?







