रायगढ़—— धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत खम्हार ग्रामीण बैंक के कैशियर को कल 2 बाईक पर सवार 4 अज्ञात नकाबपोश लुटेरों ने सुनसान मार्ग पर कट्टे से फायर कर कैशियर को घायल कर उनके कंधे पर लटका बैग रुपयों से भरा होने की आस में लूटकर कापू क्षेत्र की ओर फरार हो गए थे। जिसमे रुपये न होकर कागजात भरे हुए थे।
घटना की जानकारी मिलते ही ए एस पी,सी एस पी घटनास्थल पहुंचकर विवेचना में लग गए एवं जिले से बाहर निकलने वाली सीमाओं को सील करवाकर संदिग्धो से पूछताछ तेज कर मार्गो में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही वायरलेस से अलर्ट रहने के समाचार सभी थाना प्रभारीयो को दिए गए थे।
पेचीदे,लंबित एवं संगीन अपराधों के मामलों को शीघ्र सुलझाने वाली रायगढ़ पुलिस का नाम प्रदेश स्तर पर सुर्खियों में रहता है परंतु इस गोलीकांड के मामले में हो रही ढील को देखकर कई मायने निकाले जाने लगे है। जितने मुंह उतनी बाते,उतने ही तर्क,कुतर्क होने लगे है। पूर्व के भी कुछ मामलों का न सुलझना लोग भूल चुके है।
आरोपियों में आपस मे हो सकती है तकरार लूट के लिए तमाम तरह के ताने बाने बुन, रैकी कर,बाइको का इंतजाम कर,कट्टे से फायर कर भागे लुटेरों ने जब बैग खोलकर देखा होगा तो उनके पैरों के नीचे से जमीन रुपयों के स्थान पर कागजात देखकर सरक गई होगी एवं उनके मन मे एक बेगुनाह को गोली मारने पर पश्चाताप हो रहा होगा। उन लुटेरों में आपस मे मनमुटाव भी हो रहा होगा।जिस आरोपी ने रुपयों से भरे बैग का सब्जबाग दिखलाकर लूट एवं फायरिंग करवाई होगी। वह अन्य आरोपियों की नजरो से भी गिर गया होगा। वे लोग मास्टरमाइंड आरोपी को उलहाना देकर जमकर कोस रहे होंगे।
आरोपी प्रदेश की सीमा पार कर चुके होंगे रायगढ़ पुलिस की चुस्ती फुर्ती,सक्रियता से वाकिफ होने पर आरोपीगणों के अब तक तो छत्तीसगढ़ की सीमा पारकर ओड़िसा,बिहार,झारखण्ड,महाराष्ट्र की सीमा से भी बाहर निकल जाने की सम्भावना हो सकती है परंतु हांथो में रुपया न आने की वजह से वे शायद पुलिस के सामने सरेंडर भी कर दे तो आश्चर्य नही होगा।
लोकल गैंग के शामिल होने की संभावना गधे के सींग की तरह से गायब होने वाले शूटर आरोपियों के स्थानीय होने की संभावना अधिक है। जो कि घटना को अंजाम देने के बाद अपने अपने घरों में जाकर छिप गए होंगे। बरहाल पुलिस आरोपियों को धर दबोचने के लिए हर एंगल से जांच में लगी हुई है।







