रायगढ़—— कोविड 19 से टक्कर लेने वालों में स्वास्थ्य कर्मियों,निगम कर्मियों,पुलिस कर्मियों के अतिरिक्त मीडिया कर्मियों का अहम रोल होता है। जो हर जगह घुसकर अपने शरीर का ध्यान न कर रिपोर्टिंग कर श्रेय लेने में लगे रहते है। पिछले साल पत्रकारों के कोरोना जांच rtpcr, trunot के लिए अलग से तिथि निर्धारित की गई थी परन्तु भय वश जांच करवाने वाली की संख्या दहाई तक लटपट पहुंची होगी। कई पत्रकार भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आये थे। जो गुपचुप तरीके से होम आइसुलेशन पर चले गए थे एवं जिन्होंने जांच करवाई थी। वे तीन दिनों तक अपने अपने घरों में कवारेंटिंन हो गए थे। वैक्सीन की अनुपलब्धता से वंचित पत्रकार स्वयं को सुरक्षित करने में लगकर रिपोर्टिंग कर रहे थे। अब जब कि वैक्सीनेशन शुरू किया जा चुका है। जिससे स्वास्थ्यकर्मी,पुलिसकर्मी,बुजुर्गवार लाभ ले चुके है तो लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ कहे जाने वाले पत्रकारों के लिए भी अलग से सुविधा देते हुए । दिनांक तय कर वैक्सीन लगवाई जानी चाहिए ताकि मन मे समाया कोरोना के भय से निजात मिल सके एवं मीडियाकर्मी बेधड़क होकर रिपोर्टिंग कर सके।







