टूटी कलम रायगढ़—कल ,परसो से सोशल मीडिया पर त्रिपुरा के कलेक्टर शैलेश यादव ट्रोल हो रहे है। उन्होंने जतला दिया कि कलेक्टर की क्या पावर होती है। उन्होंने सशत्र बल के साथ मैरिज गार्डन में छापेमारी करते हुए। सबसे पहले फेरा करवाने आये पंडित को धकेलकर बाहर निकलवाया। जिसके बाद कलेक्टर ने रशुखदारो की परेड ली और घूम घूम कर अरेस्टिंग,अरेस्टिंग के ऑर्डर दिए। जिससे यह तो साबित हो गया कि हर कोई प्रसासनिक अधिकारी राजनीतिक संरक्षण या धन के आगे नही झुकता। कलेक्टर यादव जीवन मे इतना नाम,सुर्खियां न बंटोर पाते जितना नाम,सुर्खियां चंद मिनटों में अर्जित कर ली। सुना जा रहा है कि बाद में कलेक्टर शैलेश यादव को सरकार ने सस्पेंड कर दिया गया। यह कोई बड़ी बात नही है। चंद दिनों बाद उनका निलम्बन 100% रद्द कर पुनः कार्यभार सौप दिया जाएगा। बतलाया जा रहा है कि त्रिपुरा के उक्त मैरिज गार्डन में 50 लोगो की अनुमति प्रदान की गई थी परन्तु रशुखदारो ने इसका नाजायज फायदा उठाया और सैकड़ो लोगो को आमंत्रित कर देर रात तक पार्टी का दौर चालू रखा। जबकि कलेक्टर ने वहां नाईट कर्फ्यू के आदेश दिए हुए है। तो क्या पुलिस,प्रशासन सारे काम छोड़कर बराती-घराती पर निगाह रखने का कार्य करते।




