टूटी कलम रायगढ़–जब भी किसी भी विभाग में नये अधिकारी के द्वारा पदभार ग्रहण किया जाता है तो वह अपनी सुविधा के अनुसार विभाग के कर्मचारियों एवं कार्य करने की शैली में परिवर्तन कर बेहतर तरीके से काम करने के तरीके में परिवर्तन करते ही है। खासकर पुलिस विभाग में आने वाले हर पुलिस अधीक्षक द्वारा अलग अलग तरीको से कार्य करने पर जोर दिया जाता है परन्तु मकसद सिर्फ एक ही रहता है अपराधों के ग्राफ गिराने का,पूर्व पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने सोशल पुलिसिंग पर कार्य किये तो नये पुलिस अधीक्षक इलाके की पुलिस पर अपना फोकस कर रहे है। टूटी कलम समाचार
क्या होती है इलाके के अनुसार पुलिस व्यवस्था-पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा के अनुसार सभी थाना क्षेत्रों के प्रभारियों द्वारा आरक्षको को अलग अलग टीम गठित कर गलियों,कालोनियों,मोहल्लों पर नजर रखने की महत्ती जिम्मेवारी सौपी जाएगी। जो अपने अपने इलाके की गश्त कर होने वाली गतिविधियों, जुआ,सट्टा,शराब,गांजा,देहव्यापार, लड़ाई झगड़े,मारपीट,चोरी,छेड़छाड़ पर कड़ी नजर रखेंगे एवं मौके पर ही कार्यवाही कर निराकरण करने का प्रयास करेंगे। जिससे थानों का वर्क लोड कम होगा एवं थाना प्रभारीयो को कुछ राहत मिल सकेगी ताकि उनमें भी कार्य करने की क्षमता बनी रह सकेगी। टूटी कलम समाचार
इस तरीके के इलाके की व्यवस्था होने पर आरक्षक ही पुलिस का बड़ा अधिकारी रहेगा एवं सारी जवाबदेही उस पर होगी फलस्वरूप आरक्षक भी पूरी दिलचस्पी एवं तल्लीनता से अपने कार्य के प्रति सजग रहकर ईमानदारी से स्वतंत्र होकर कार्य कर सकेंगे। टूटी कलम समाचार
इस तरह की व्यवस्था से छिटपुट अपराधों पर नकेल कसी जा सकेगी तो बड़े अपराध को अंजाम देने वाले अपराधियो के हौसले पस्त होंगे। यह एक बेहतर व्यवस्था साबित हो सकती है यदि ईमानदारी से पालन किया जाए तो मगर पुलिस थानों में पर्याप्त बल के नही होने से व्यवहारिक तकलीफें बढ़ सकती है सांथ ही करप्शन को बल मिल सकता है। मौके पर ही ले देकर मामले निपटाए जा सकते है।







