✒️ टिल्लू शर्मा टूटी कलम रायगढ़…पुत्र के खिलाफ 16 तारीख से सोशल मीडिया पर मच रहे कांव कांव पर विधायक प्रकाश नायक ने जबरदस्त चाल चल दी और अपने पुत्र को सिटी कोतवाली में आत्म समर्पण करवा कर लोगो की जुबान पर ताला लटका दिया। लोगो के पास अब जबरपेलिया समाचारो की जगह ही नही बची है। टूटी कलम

पुत्र को सुधरने की खातिर उठाया गया है कदम…गलत लोगो की संगत दादा स्व.शकराजित नायक का दुलार एवं बाप का रसूख का कारण बन चुका ऋतिक के बिगड़ने का कारण को सुधारने का अवसर मिल गया है प्रकाश नायक को जिस वजह से उन्होंने ऋतिक को भागकर छिपकर रहने की सलाह न देते हुए। पुलिस के आगे यह सोचकर सरेंडर करवा दिया कि शायद जेल की हवा खाकर उसमें कुछ बदलाव आ जाये क्योंकि अपने पुत्र की जमानत कुछ दिनों में विधायक करवा ही लेंगे। टूटी कलम
लोगो की असलियत से भी वाकिफ हो गये प्रकाश नायक…..अपने संकट के समय मे प्रकाश नायक ने हर चेहरे को परख लिया है कि कौन कौन उनके काम आ सकते है और कौन कौन धन लेने के बावजूद भी उनकी खिलाफत कर सकते है। पूरी कांग्रेस पार्टी में उनके साथ कौन कौन खड़े रहे यह देखना भी लाजिमी होगा। इस पर मीडिया मैनेजमेंट को ध्यान देना होगा।विपक्ष इस मामले में मौनी अवस्था मे रही। यह प्रकाश नायक की काबिलियत है। टूटी कलम
ऋतिक गए रिमांड पर जेल…विधायक पुत्र को न्यायलय में पेश किया गया। जहां से उन्हें रिमांड पर जेल भेज दिया गया। जो कि एक कानूनी प्रक्रिया है और उन पर लगी भी धराये गैर जमानती है। प्रकाश नायक ने शायद जानते बुझते उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत नही करवाई की लोगो को बोलने का अवसर न मिले और शायद उनके पुत्र में परिवर्तन भी आ जाये। टूटी कलम
सवर्त्र मिल रही है वाह वाही…विधायक प्रकाश नायक के द्वारा अपने पुत्र ऋतिक को थाने ले जाकर सरेंडर करवाने पर जन जन की जुबान से तारीफ निकल रही है। कल तक जो विधायक पुत्र के समाचारो को नमक,मीर्च लगाकर लिख रहे थे। उन्होंने भी पलटी मारकर कर प्रकाश की महिमा मंडित करने में ही अपनी भलाई समझी है। प्रकाश के इस कदम के बाद प्रकाश वाकई नायक बनकर उभरे है। इसके बाद लोगो ने अपनी दिशा बदल डाली और जिला भाजपाध्यक्षज पर फब्तियां कसी जाने लगी है। कुछ तो लोग कहेंगे,लोगो का काम है कहना..कोरोनकाल के बाद से लोग खाली बैठे है। काम धंधे सब चौपट हो चुके है तो समय व्यतीत करने के लिए अमित,उमेश फिर ऋतिक बहाना मिला हुआ था। टूटी कलम








