🏹 टिल्लू शर्मा 🖋️टूटी कलम रायगढ़ …. भाजपा नेता ओपी चौधरी के द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता का रायगढ़ के पत्रकारों ने बहिष्कार करते हुए यह बात व्यक्त की है कि राजनीति दल एवं उनके नेता मीडिया को दो फ़ाड़ में में विभाजित कर मजा लेना चाह रहे हैं। जिसमें कुछ मीडिया वाले चाटुकारिता करते देखे जा सकते हैं। मीडिया ने यह कहा कि राजनीति दल एवं उनके नेता अपने पालतू एवं चाटुकार पत्रकारों को ही प्रेस वार्ता में बुलाकर अपने समाचार को चला सकते हैं। मीडिया ने यह भी बताया कि जब किसी नेता से फोन पर चर्चा करने हेतु फोन लगाया जाता है तो नेता के द्वारा वार्तालाप करना तो दूर फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा जाता है । इसलिए मीडिया वाले अब ऐसे नेताओं को चिन्हित कर उनकी प्रेस वार्ता का एवं उनके समाचारों का बहिष्कार करने पर अडिग रहेगी। मीडिया का कहना है कि जब भी कोई प्रेस वार्ता हो तो प्रेस के सभी साथियों को सूचित किया जाना चाहिए ना कि माहवारी पर पलने वाले चंद मीडिया वालों को तवज्जो दिया चाहिए। मीडिया का यह भी मानना है कि प्रेस वार्ता के दौरान जो भी पत्रकार माइक आईडी लगाकर अपने आप को पत्रकार साबित करने की कोशिश करते हैं उनके चैनलों की क्लिप मंगवाकर देखा जा सकता है कि उन्होंने जो समाचार कवरेज किया था उसे चैनल में दिखाया गया था कि नहीं ? टूटी कलम
मिली जानकारी के अनुसार आगामी विधानसभा चुनाव में रायगढ़ विधानसभा से भाजपा की टिकट पाने के लिए ओपी चौधरी द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है परंतु बगैर मीडिया मैनेजमेंट के उनका सपना सच होता दिखलाई नहीं पड़ रहा है. जिला भाजपा अध्यक्ष उमेश अग्रवाल की तर्ज पर चलना उनके लिए राजनीतिक संकट का साया मंडरा सकता है. धारा 354 छेड़छाड़ के मामले में जिला अध्यक्ष पर आरोप लग चुका है और वे हाई कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत पर के रहे ह। उक्त मामला अभी खत्म नहीं हुआ है। नेताओं पर इस तरह के आरोप लगने से उनका राजनीतिक सफर थम जाता है। शायद ऐसा ही कुछ उमेश अग्रवाल के साथ होने वाला है। पिछले कई वर्षों से रायगढ़ विधानसभा सीट के लिए भाजपा से विधायकी टिकट पा जाने का पूर्णजोर प्रयास अब शायद विफल हो चुका है ।रायगढ़ विधानसभा की जनता तक यह संदेश पहुंच गया है कि जिला भाजपा अध्यक्ष पर किसी युवती ने छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। जिस वजह से उमेश अग्रवाल को टिकट मिलने की संभावनाएं क्षीण हो चुकी है।जिसके प्रमाण एवं लड़की के द्वारा दिए गए बयान की क्लिप मीडिया के पास सुरक्षित है। टूटी कलम
मीडिया को मिल रहे समर्थन में अर्चना लाल संपादक आजाद भारत का भी समर्थन मिल गया है। जिसकी जानकारी उन्होंने साझा की है।





