🎯 टिल्लू शर्मा 🖋️ टूटी कलम रायगढ़ ……आमतौर पर यह देखा जाता है कि प्रेम में अपना सर्वस्व न्योछावर करने के पश्चात असफल होने के पर, अथवा पुरुष का युवती से मन विरक्त हो जाने के पश्चात, या कि जो युवती शादी से पूर्व ही अपना सब कुछ समर्पण कर दे रही है तो शादी के पश्चात वह उसे भी धोखा दे सकती है। युवतियों द्वारा पुरुषों पर जबरन का दुष्कर्म करने का मामला दर्ज करवा कर उन्हें जेल भिजवा दिया जाता है। भारतीय कानून में या बहुत बड़ी खामी है कि महिला समाज को सर्वोपरि मानकर उसकी कहीं बातों पर यकीन कर लिया जाता है एवं पुरुषों पर यौन अपराध, छेड़छाड़, बलात्कार, 354 ,376 जैसे मामले बगैर जांच के दर्ज कर लिए जाते हैं एवं उसे शीघ्र ही पकड़ कर जेल में दाखिल करवा दिया जाता है। यह बात अलग है कि न्यायालय के द्वारा दुष्कर्म के अपराध में जेल दाखिल आरोपियों को बगैर किसी ठोस सबूत के ना मिलने पर बरी कर दिया जाता है परंतु माथे पर इतना बड़ा कलंक लेकर समाज में जीना युवकों के लिए बहुत मुश्किल हो जाता है।
पड़ोसी जिले जशपुर से एक अनोखा मामला सामने आया है। जिसमें 17 वर्षीय किशोर की रिपोर्ट पर एक महिला को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कर जेल दाखिल करवा दिया गया है। इस मामले के बाद पुरुषों में उत्साह का संचार भी हुआ है कि उनकी रिपोर्ट पर भी महिला को दुष्कर्म की सजा में जेल भिजवाया जा सकता है। हालांकि जशपुर जिले की खबरों पर किसी अन्य का अनाधिकृत रूप से एकाधिकार है । इसके बावजूद हम यह खबर लगा रहे हैं।मामला,जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के एक गांव के 45 वर्षीय प्रार्थी ने पत्थलगांव थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका 17 वर्षीय नाबालिग बेटा,घर मे बिना किसी को कुछ बताए 8 नवंबर 2021 से लापता है। मामले में पुलिस धारा 363 के तहत अज्ञात आरोपित के खिलाफ अपहरण का अपराध दर्ज करके मामले की जांच कर रही थी। पुलिस के अनुसार 27 फरवरी 2022 को प्रार्थी ने अपहृत किशोर को थाना में पुलिस के सामने प्रस्तुत किया। पुलिस को दिए गए बयान में पीड़ित किशोर ने बताया कि आरोपित युवती उसे बहला फुसला कर मध्यप्रदेश के अज्ञात ईट भट्टा में ले गई थी। वहां उसे बंधक बना कर एक दिन में कई कई बार जब इच्छा होती तब कमरे में आकर जबरन दुष्कर्म करती रही। पीड़ित किशोर के बयान के आधार पर पत्थलगांव पुलिस ने आरोपिता के खिलाफ धारा 363,365,370 (क) (1),370 (4) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5 और 6 के तहत अपराध पंजीबद्ध करते हुए,गिरफ्तार कर,न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।।







