🎯 टिल्लू शर्मा 🖋️ टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़… छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यसमिति में महामंत्री का पद मिलने के पश्चात भाजपा के दिग्गज नेता ओपी चौधरी का रायगढ़ जिला मुख्यालय में आगमन हुआ था. रायगढ़ शहर के बाहरी सीमा से ही उनके समर्थकों ने स्वागत सत्कार कर उन्हे खुली जीप में खड़े कर रायगढ़ भ्रमण करवाने के पश्चात भाजपा कार्यालय ले जाया गया। जगह जगह पर उनके समर्थकों के द्वारा उनको पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया गया। भाजपा कार्यालय में पकौड़ी, आलू चाप, चाय, पानी का इंतजाम भी किया गया था। जिसका उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं मीडिया कर्मी ने खूब जमकर स्वाद लिया ।
पत्रकार वार्ता के दौरान कक्ष में घुसे भाजपाई….. जॉब भाजपा के प्रदेश महामंत्री ओपी चौधरी के द्वारा पत्रकार वार्ता की जा रही थी कि उसी दौरान भाजपाई कार्यकर्ता भी कक्ष में प्रवेश कर गए जिससे पत्रकार वार्ता में खलल उत्पन्न हो गया था जिसका विरोध एक पत्रकार ने कड़ाई से किया तब चौधरी ने अपने कार्यकर्ताओं से बाहर जाने को कहा जिसके पश्चात पत्रकार वार्ता शुरू हो सकी। वार्ता के दौरान पत्रकारों ने चौधरी से अलग-अलग किस्म के सवाल किए जिनका जवाब उन्होंने बहुत ही सरलता से एवं हंसते हुए दे दिया।
खरसिया विधानसभा के प्रश्न पर चौधरी ने बात को गोल मटोल कर जवाब दिया…. जब किसी पत्रकार ने चौधरी से सवाल किया कि आखिर खरसिया विधानसभा की सीट भाजपा क्यों नहीं जीत पा रही है और कब इस सीट पर बदलाव होगा. तब चौधरी ने कहा कि भाजपा ने 2 सीट जीतने से शुरुआत की थी और आज केंद्र में उनका बहुमत है। चौधरी ने कहा कि इसी तरह अब खरसिया विधानसभा सीट की बारी है जो भाजपा की झोली में आएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा वापसी करने की तैयारी में जुटी हुई है एवं मतदाताओं का मन कांग्रेस सरकार से 4 साल के अंदर ही फट चुका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट संकेत नहीं दिया कि इस बार खरसिया विधानसभा से कांग्रेश प्रत्याशी उमेश पटेल के खिलाफ इस चेहरे को भाजपा के द्वारा उतारा जाएगा। मुख्यमंत्री के चेहरे पर उन्होंने कहा कि समय के साथ मुख्यमंत्री का चयन हाईकमान के द्वारा किया जाएगा। ओपी चौधरी ने यह नहीं कहा कि वे पुनः खरसिया विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे। जिससे यह साफ जाहिर होता है कि खरसिया विधानसभा की सीट इस बार वाक ओवर में मिलने जा रही है। 4 साल में भाजपा ने उमेश पटेल को घेरने के लिए कोई ऐसा चेहरा तैयार नहीं किया जो उमेश के सामने टिक पाए। कहर बनकर टूट पड़ने वाले कहने वाले स्वयं भयभीत है की पार्टी हाईकमान उन्हें खरसिया विधानसभा से पुणे प्रत्याशी घोषित ना कर दे।





