🔭टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़ पुलिस चौकी खरसिया अंतर्गत रहने वाली 22 वर्षीय युवती द्वारा ग्राम बहालीडीह, थाना बरमकेला में रहने वाले महेंद्र कुमार मानिकपुरी (23 वर्ष) पर शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक शोषण, दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराया गया है । पीड़िता के आवेदन पर दुष्कर्म की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर खरसिया पुलिस ने आरोपी महेंद्र कुमार मानिकपुरी को उसके घर दबिश देकर गिरफ्तार कर खरसिया लाया गया जिसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
जानकारी के मुताबिक 11 फरवरी को युवती अपने परिजनों के साथ पुलिस चौकी खरसिया लिखित आवेदन लेकर आई । पीड़िता बताई की करीब 2 साल पहले महेंद्र मानिकपुरी से गांव की शादी में परिचय हुआ था । दोनों एक दूसरे का मोबाइल नंबर लेकर आपस में बातचीत करते थे । महेंद्र मानिकपुरी अपने परिवार की जानकारी देकर, जल्द शादी करूंगा बोला और अगस्त 2021 में पुरी (ओड़िसा) ले जाकर वहां एक होटल में शारीरिक संबंध बनाया। उसके बाद दोनों अक्सर मिलते रहते थे, पीड़िता बताई कि महेंद्र उसके गांव में भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया था । दोनों के मेल मिलाप, संबंधों की जानकारी घर परिवार वालों को होने पर महेंद्र के घरवालों से शादी की बात आगे बढ़ाये । तब महेंद्र के परिवार वाले शादी से इनकार कर दिए जिससे पीड़िता खुद को शोषित और अपमानित महसूस कर रही हूं और महेंद्र पर कार्यवाही चाहती हूं बताई । पीड़िता के आवेदन पर दुष्कर्म (धारा 376(2) एन भादवि) का अपराध दर्ज कर रात को ही थाना प्रभारी खरसिया उपनिरीक्षक नंद किशोर गौतम, चौकी प्रभारी खरसिया अमिताभ खांडेकर के हमराह स्टाफ बरमकेला रवाना हुए । जहां आरोपी महेन्द्र को उसके घर के बाहर से रात्रि में ही हिरासत में लेकर खरसिया लाया गया जिसे 13 फरवरी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है ।
सबसे विडंबना वाली बात यह है कि युवती अथवा महिला के द्वारा अपने पुरुष मित्र के साथ सहमति से शारीरिक संबंध बनाए जाते हैं। जब तक पुरुष मित्र की जेब गर्म रहती है और वह जब तक अपनी महिला मित्र की हर मांग को पूरी करता रहता है। तब तक उनमें आपसी संबंध मधुर बने रहते हैं और बासी चिकन हो जाने पर पुरुष मित्र के द्वारा आनाकानी की जाती है तब उसकी महिला मित्र पुलिस के द्वार पहुंचकर 376 का अपराध कायम करवा देती है जिस वजह से प्रेमी को जेल की हवा बेवजह खानी पड़ जाती है। होना तो यह चाहिए कि पुलिस के द्वारा महिला पर झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाने का अपराध कायम किया जाना चाहिए क्योंकि प्रेमी प्रेमिका के बीच जो भी होता है वह आपसे सहमति से ही होता है। कोई जोर जबरदस्ती से नहीं किया जाता है। होना तो यह चाहिए कि पुलिस के द्वारा पहले महिला द्वारा लिखवाई गई रिपोर्ट की सत्यता की जांच करने के पश्चात ही 376 एवं 354 का मामला कायम करना चाहिए अन्यथा महिला पर पुलिस को भ्रमित करने का अपराध दर्ज करना चाहिए। ऐसे ही मामलों के आरोपी न्यायालय से बाइज्जत बरी हो जाया करते हैं क्योंकि कोर्ट में महिला के द्वारा दुष्कर्म करने के पुष्ट प्रमाण फेस करने में असफल होती है।







