
🔭 टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़ जब जब किसी निजी उद्योग के विस्तार की जनसुनवाई होती है उससे पूर्व ही मीडिया हल्ला मचा कर जनसुनवाई के विरोध में सक्रिय हो जाती है। मगर सरकार का उपक्रम नेशनल थर्मल पावर कंपनी के द्वारा मीडिया के मंसूबों पर पानी फेरते हुए। उद्योग का विस्तार करने से पूर्व ही प्रेस वार्ता का आयोजन कर अपने विरुद्ध उठने वाली आवाज को मैनेज कर लिया गया। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ के एक हाकर सरीखे मीडिया वाले ने एनटीपीसी की दरबारीगिरी करते हुए चुनिंदा लोगों के नाम उद्योग के जनसंपर्क विभाग को बतलाए गए थे। कारण से शहर के नामी-गिरामी प्रतिष्ठित कहलाने पत्रकारों को प्रेस वार्ता की सूचना प्राप्त नहीं हुई थी। जिस वजह से मीडिया जगत में उद्योग प्रबंधन एवं तथाकथित मीडिया वाले के प्रति आक्रोश उत्पन्न देखा जा रहा है। जिसकी चिंगारी भविष्य में आग के शोले का रूप धारण कर सकती है।

दूसरी तरफ उद्योग के विस्तार से प्रभावित होने वाले नौ गांवो जनता के बीच काफी आक्रोश देखा जा रहा है। जिसका परिणाम 2 दिनों से सामने आ रहा है। एक सड़क दुर्घटना की वजह से ग्रामीणों ने फ्लाई ऐश की गाड़ियां रोक दी थी जिस वजह से जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को मौके पर उपस्थित होना पड़ा था। बतलाया जा रहा है कि जिला प्रशासन की सख्त हिदायत के पश्चात भी एनटीपीसी के आदेश पर गांव के बीच भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित मार्ग से फ्लाई एस से भरे भारी वाहन सैकड़ों की संख्या में अनियंत्रित गति से, अप्रशिक्षित ड्राइवरों के द्वारा दौड़ाए जा रहे हैं। जिस वजह से ग्रामीणों के मन में किसी बड़ी दुर्घटना अनहोनी का डर समाया हुआ है। जिला प्रशासन के द्वारा कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित मार्ग में चलाए जा रहे फ्लाई ऐश से भरे 25 वाहनों को मिनी स्टेडियम में खड़े करवा कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली गई। मगर यह कार्रवाई ठोस एवं स्थाई नहीं है।

किसान कांग्रेस के महामंत्री लल्लू सिंह ने टूटी कलम को बतलाया की एनटीपीसी के द्वारा किए जाने वाले विस्तार के कारण आसपास के नौ गांव पूरी तरह से प्रभावित होंगे। खेती का रकबा घटेगा,प्राकृतिक जल संसाधनों तालाबो,नहर, नाले आदि पूरी तरह से पाट दिए जाएंगे, जलीय जीव जंतु नष्ट हो जाएंगे, प्राकृतिक हरीतिमा का स्थान प्रदूषण एवं कालिख ले लेगा, जंगली जानवरों को शहर का रुख करना पड़ जाएगा, उद्योग के द्वारा उत्सर्जित रसायन युक्त पानी की वजह से क्षेत्र में दमा,अस्थमा, खाज, खुजली, दाद ,नेत्र रोग आदि बीमारियों के मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ जाएगी। लल्लू सिंह बतलाया की जहां विकास होता है वहां विनाश निश्चित रूप से होता है। इसलिए विनाश की भरपाई के लिए एनटीपीसी के द्वारा प्रभावित होने वाले गांवो के नौजवानों को रोजगार दिया जाना चाहिए। एनटीपीसी के द्वारा उत्पादित बिजली बेचने से जो आए होगी उसका बहुत बड़ा अंश क्षेत्र के विकास कार्यों में लगाना चाहिए। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार आदि को एनटीपीसी के द्वारा अपना अहम कार्य मानकर कार्य किया जाना चाहिए एवं ग्रामीणों को एनटीपीसी का परिवार मानकर चलना चाहिए।









