🎤 टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़ रायगढ़ नगर पालिका निगम की स्थिति कमजोर की लुगाई सबकी भौजाई सरीखे हो गई है। मानसून आगमन पर लगातार हुई रिमझिम रिमझिम बारिश मात्र से शहर के कई क्षेत्रो में जलभराव की स्थिति देखी गई जहां नालियों का पानी सड़क पर निकल कर बहने लगा और लोगों को बदबूदार गंदगी युक्त पानी में आवागमन करना मजबूरी बन गई। जिसका ठीकरा नगर पालिका निगम पर फोड़ देना एक सामान्य प्रक्रिया है। बारिश से पूर्व नाली नालों की साफ सफाई करवाने की जिम्मेवारी वार्ड पार्षदो पर होती है क्योंकि वार्ड पार्षद को जनता के द्वारा चुनकर नगर निगम भेजा जाता है ताकि वे अपने वार्ड की सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, आदि बुनियादी समस्याओं पर फोकस कर अपने वार्ड वासियों का ख्याल रख सके। इन सब समस्याओं से मुक्ति दिलवाने के लिए पार्षदों की जेब से 1 ₹ भी खर्च नहीं होता है मात्र कागजी प्रक्रिया से ही पूरे कार्य करवाए जा सकते हैं। इसके लिए बुलंद हौसले एवं दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है।
हम स्वयं हैं जिम्मेवार… जिस तरह से मानसून के दस्तक देते पूरे शहर के सभी वार्डो की गलियां, सड़कें, अस्त व्यस्त हो गई। नाली नाले जाम होने की वजह से पानी को निकलने का रास्ता नहीं मिल पाया और सड़कें जलमग्न हो गई। इसका कारण हमारी लापरवाही एवं शहर से प्रेम ना करने की वजह है। वर्ष के पूरे आठ माह लोगों के द्वारा प्लास्टिक के सभी समान पन्नी, फ्लेक्स, डिस्पोजेबल समान,पानी,दवाई, आदि की बोतले,मिक्सचर,चिप्स,आदि सभी की पन्नियों को नगर निगम की कचरा गाड़ी को देने या स्वयं के द्वारा जलाने की अपेक्षा नालियों में फेंक दिया जाता है। जिसका दुष्परिणाम बारिश के दिनों में देखा जा सकता है। नाली नाले की साफ सफाई करने पर उक्त वस्तुएं ही निकला करती है।
नाली नालों पर अवैध अतिक्रमण किया जाना पार्षदों की बगैर मिलीभगत के होना संभव नहीं है। अर्थ लिप्सा की वजह से पार्षदों को वार्ड वासियों की जान माल की चिंता नहीं रहती है वरना क्या मजाल किसी की कि कोई अतिक्रमण कर सके।
छत्तीसगढ़ में ऑपरेशन ड्रेन टू ड्रेन की अत्यंत आवश्यकता है… पूर्व की भांति अब यह जरूरी हो चुका है कि छत्तीसगढ़ के शहरों को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए नाली से नाली जोड़ने एवं खोलने की जरूरत आन पड़ी है. व्यवसायियों, मकान मालिकों के द्वारा अपने सामने से निकली नालियों पर पक्के फर्श बनाकर नालियां ढक दी गई है। इस वजह से नालियों से नियमित रूप से मलमा नहीं निकाले जाने के कारण सड़कों पर जल भराव की स्थिति का डर बना रहता है। इसलिए शहर की सभी नालियों नालो के ऊपर किए गए कंक्रीट के निर्माण को तोड़कर नालियों को मुक्त करवाया जाए एवं जगह जगह चेंबर बनाकर साफ सफाई करने का विकल्प रखा जाना चाहिए। इस कार्य की सफलता के लिए प्रदेश सरकार में हौसला एवं दृढ़ संकल्प होना चाहिए क्योंकि हो सकता है कि अच्छे कार्य की वजह से सरकार को नुकसान उठाना ना पड़ जाए।







