रायगढ़——- देर से आये दुरुस्त आये की तर्ज पर रायगढ़ पुलिस सक्रिय हो चुकी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लाकडाउन के दौरान कई पत्रकार भयादोहन कर वसूली तो कई तस्करी तो कई पत्रकार धमकी चमकी में लिप्त पाये गये। कुकुरमुत्ते की तरह उग आये पत्रकारो की जांच पड़ताल को संज्ञान में लेते हुए कई पत्रकारो की जन्मकुंडली तैयार कर ली है। सुनने में आ रहा है कि पुलिस ने बाकायदा वेरिफिकेशन के लिए नोटिस भेज कर पूरी जानकारी एकत्रित की जा रही है। जिससे कइयों की ब्रेकिंग न्यूज पर धौस पट्टी जतलाना सम्भवतः समाप्त हो जाएगी एवं इनके गॉडफादरो से पूरी जानकारी ली जाएगी। वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी मौजूदगी जतलाने वालो के लिए मुसीबते खड़ी हो सकती है। जिनके नाम जनसम्पर्क विभाग के रजिस्टर में दर्ज होंगे। केवल वही पत्रकार कहलायेंगे। जिनकी जानकारी पुलिस विभाग ने ले ली है। अखबार के संपादकों के द्वारा जारी किए गए कार्डो का भी सत्यापन करना होगा। निर्धारित नियुक्ति से ज्यादा कार्ड बांटने पर कानूनी कार्यवाही हो सकती है। आगामी दिनों में कार्ड को चना मुर्रा की तरह 1000,500 में बांट देने वाले सम्पादकों का सरदर्द निश्चित रूप से बढ़ेगा। अखबार का रजिस्ट्रेशन करवाकर नियमित अंक न निकाले वाले सम्पादकों की मुसीबते निश्चित रूप से बढ़ेगी।लंबे चौड़े शरीर वाले कई तथाकथित पत्रकारो पर मामले दर्ज हो सकते है जिन पर कई आपराधिक प्रकरण लंबित है और आने वाले दिनों में कई प्रकरण और दर्ज होने की आशंका है। कई पत्रकार जो दो नावों में सवार है ऐसे पत्रकारो की कश्ती डूबने की प्रबल संभावना है। पुलिस के लिए मुखबिरी का कार्य करने वाले कई फर्जी पत्रकार बेनकाब होंगे। पुलिस से अपराधियो का सेटेलमेंट करवाने वाले पत्रकारो को लोग बखूबी पहचानते है। लाखो के पकड़ाए जुए में इनकी मुखबिरी एवं हिस्से के किस्से पूरे शहर में दबी जुबान से सुनने को मिल रहे है








