🌀 टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम रायगढ़ … रायगढ़ के करोड़पति व्यवसाई नटवरलाल अग्रवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. जिसकी मौत के बाद कई प्रश्न वाचक चिन्ह स्वमेव में उत्पन्न हो गए हैं. जिसकी जांच पड़ताल करना और मामले का खुलासा करना रायगढ़ पुलिस की महत्ती जिम्मेवारी है. पुलिस को चाहिए कि इस मामले की सूक्ष्मता से जांच कर पर्दाफाश कर दे कि किन परिस्थितियों में और कैसे नटवर लाल अग्रवाल की मौत हो गई.
नटवर अग्रवाल की मौत पर छाये रहस्य पर सब चुप क्यों है.. नटवरलाल अग्रवाल की जिन परिस्थितियों में मौत हुई है वह चीख चीखकर यह कह रही है कि उसकी मौत का कारण केवल हादसा ही नहीं है अपितु इसमें से हत्या,साजिश,षड्यंत्र,ब्लैकमेलिंग आदि की बू आ रही है. कुछ लोगों के द्वारा इस गंभीर मामले की दिशा बदलने का प्रयास किया जा रहा है. जैसे कि मृतक के गले से सोने की मोटी चैन,अंगूठी,घड़ी,पर्स,आदि गायब होना बतलाया जा रहा है. कुछ अन्य अर्थ दिमागदारो के द्वारा टोयोटा ग्लैंजा वाहन की स्टेरिंग जाम होने जैसे औचित्यहीन तर्क दिए जा रहे हैं ताकि घटना में शामिल लोगों की तरफ से पुलिस का ध्यान भटकाया जा सके.
डूबती कार से निकलकर भागने वाली महिला कौन थी… नटवरलाल अग्रवाल की मौत के बाद यदि रहस्य से कोई पर्दा उठा सकता है तो एकमात्र वह है. जो डूबती कार का पिछड़ा दरवाजा खोलकर घुटने तक के पानी में छलांग लगाकर. गधे की सिंग की तरह से गायब हो गई.इसके अतिरिक्त उस महिला को बचाने के नाम पर वाह वाही लूटने वाले तथाकथित युवक अपने सम्मान करवाने की लड़ाई लड़ने की अपेक्षा न जाने किस वजह से सामने नहीं आ रहे है.
नटवरलाल अग्रवाल की मौत स्वाभाविक नहीं है.. नटवर की मौत पर इतनी ज्यादा प्रश्न वाचक चिन्ह लगा चुके हैं कि उसका जवाब केवल पुलिस के द्वारा ही दिया जा सकता है. घटना समय का वीडियो और उसमें दिख रही महिला एवं युवको को खोज निकालना पुलिस के लिए बहुत बड़ा कार्य नहीं है परंतु पुलिस भी शायद धरना प्रदर्शन आंदोलन होने की आस में बैठी हुई है.
कहां गए रायगढ़ के तथाकथित समाजसेवी, सर्वदलीय समाज की आड़ में राजनीति चमकाने वाले ….. पिछले वर्ष मयंक मित्तल नाम के युवक के द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली गई थी. जिसके बाद सर्वदलीय समाज के नाम पर राजनीति करने वाले कुछ तथाकथितों ने लोगो को एकत्रित कर मयंक की शव यात्रा के साथ काले कागज में तरह-तरह के नारे लिखी तख्तियां थामकर पुलिस प्रशासन का विरोध जतलाया एवम जुआ सट्टा को सामाजिक बुराई बतलाते हुए,जुआ सट्टा को बंद करवाने,सट्टा खाईवालो पर कारवाई करने का दबाव बनाया गया था. जिसके लिया अग्रणी धार्मिक संस्था श्री श्याम मंडल समिति के सदस्यों के द्वारा भी तत्कालीन पुलिस अधीक्षक “अभिषेक मीणा” को ज्ञापन सौंपा गया था. मगर करोड़पति व्यवसायई नटवर अग्रवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत चीख चीखकर नटवर के साथ हुए हादसे की पोल खोलने के लिए तड़फ रही है परंतु यह तभी संभव होगा. जब नटवर के पुत्र,परिजन,दोस्त, यार,रिश्तेदार,जान पहचान वालों के द्वारा नटवर की मौत के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंप कर उच्च स्तरीय जांच की मांग करें एवं जांच जल्दी हो इसके लिए धरना आंदोलन प्रदर्शन किया जाए तब कहीं जाकर नटवर की मौत पर छाए कुहासे के बादल छंट सकते है.







