🌀टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम रायगढ़ … पिछले दिनों केलो नदी के किनारे मरीन ड्राइव से उतरकर जलमग्न हुई कार को लेकर जितने मुंह उतनी बातें शहर में जन चर्चा का विषय बना हुआ था.चर्चा केवल इसलिए हो रही थी क्योंकि जलमग्न कार के अंदर प्रतिष्ठित व्यवसायई नटवर अग्रवाल का शव बरामद हुआ था. डूबती कार के पिछले दरवाजे को खोलकर पानी में छलांग लगाते हुए अनजान महिला का वीडियो वायरल हुआ था. घटना के बाद सही सलामत बची महिला के अचानक से गायब हो जाने पर नगर में भांति भांति की चर्चाएं होने लगी थी. मीडिया के द्वारा यह बात भी वायरल की गई थी कि मृतक नटवर अग्रवाल वो रात में आंखो से दिखाई नहीं देता था. वह पानी और कार ड्राइविंग से बहुत डरा करता था.
आज मीडिया के द्वारा यह बतलाया गया कि घटना के बाद से लापता हुई महिला चक्रधर नगर पुलिस के सामने पेश हुई। उसने बताया कि घटना के वक्त वह मृतक के साथ थी एवम घटना से घबराकर वह मौके से भाग गई थी. महिला ने बतलाया कि वह नटवर के साथ भू खंड देखने गई थी. वापसी के दौरान दुर्घटना घट गई. सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में डूबती कार को देखकर उसने वहां से खिसक लेना उचित समझा. ताकि लोगों के सवाल जवाब से पिंड छुड़ाया जा सके.
महिला के बयान के बावजूद संतुष्ट नही है जन मानस,आम जनता.. महिला ने पुलिस को जो बयान दिया.वह अपचनीय है क्योंकि अभी तक यह बात सामने नहीं आई है की कार में कितने लोग मौजूद थे ? कार कौन चला रहा था ? कार चलाने वाला कहां गया ? शाम रात को जमीन देखने कौन जाया करता है ? वह भी अकेली महिला ? पितृ पक्ष में जमीन कौन खरीदा करता है ? नटवर को नाइट ब्लाइंडनेस बतलाया गया था.इसलिए उसके द्वारा कार चालन संभव नहीं था ? पानी से डरने वाले नटवर को कार सहित पानी से लबालब नदी में किसके द्वारा उतार दिया गया ? मृतक का शव कार की पिछली सीट पर पाया गया था. इसलिए उसके द्वारा कार चलाई जा रही थी बोलना अपचनीय है. मृतक के साथ महिला किस जगह का भूखंड देखने गई थी ? जब तक इन तमाम बातों का खुलासा नहीं हो जाता है.तब तक आम जनता के दिलों दिमाग में इस घटना को लेकर प्रश्न खड़े होने स्वाभाविक है. जब महिला पुलिस के सामने बयान दे सकती है तो उसकी पहचान किस वजह से छिपाई जा रही है ? इस बात का खुलासा निडर, निष्पक्ष, निर्भीक, बेबाक,बेखौफ,सच्चाई लिखने वाली मीडिया ही कर सकती है. महिला के बयान से पुलिस संतुष्ट हो सकती है किंतु आम जनता नही. पुलिस इस मामले से पल्ला झाड़ कर निश्चिंत हो कर अपनी सरदर्दी दूर कर सकती है। मगर इसे मामले में लीपापोती करके आम जनता की नजरो में सम्मान प्राप्त नही कर सकती.
रायगढ़ साइबर सेल की टीम ने एक बार फिर खोल कर रख दी घटनाक्रम की.. रायगढ़ साइबर सेल टीम की पहचान तत्वरित करवाई एवम अपराध का तुरंत खुलासा करने के मामले में अपना परिचय बना चुकी है किंतु थाना प्रभारीयो के द्वारा मामलों को दबा देने की वजह से साइबर सेल टीम के उत्साह,लगाव,दिलचस्पी में दिनों दिन कमी आती जा रही है. साइबर सेल के तेज तर्रार पुलिस जवानों के द्वारा सीसीटीवी कैमरे फुटेज,मोबाइल के लोकेशन खंगाल कर आरोपियों की पहचान की जाती है और मामला संबंधित थाना क्षेत्रो को सौंप दिया जाता है.जिस पर थाना प्रभारीयों के द्वारा अपनी स्वेच्छानुसार फायदेमंद लिखा पढ़ी कर अनेक मामलों को दबा दिया जाता है.
केलो प्रवाह अखबार ने लिखा स्पष्ट एवं खरा समाचार .. रायगढ़ जिले के सबसे ज्यादा लोकप्रिय दैनिक प्रकाशित होने वाले अखबार केलो प्रवाह में उक्त मामले से संबंधित खबर को चटकारे लेकर एवम चक्रधर नगर पुलिस की कार्य प्रणाली पर व्यंगात्मक रूप से समाचार लिखा गया है. इसका मतलब यह है कि यदि किसी डकैत, चोर, पॉकेट मार, लूटेरा,बलात्कारी,हत्यारे,ठगबाज,मार, पिटाई, लड़ाई, झगड़ा,दंगा,फसाद, अवैध शराब गांजा का व्यवसाय करने वाले पकड़े जाएं तो क्या उनके द्वारा यह बयान देने की घटना के समय वह मौजूद था.मगर वह घबराकर भाग गया था,तो क्या पुलिस उसके बयान को सही मानकर जांच पड़ताल को ठंडा बस्ते में डाल देगी.
कार शहीद भगत सिंह पुल से क्यों नहीं ले गई… अखबार में छपे समाचार के अनुसार मृतक के द्वारा अपने यहां कार्य करने वाली दो बच्चों की मां को कार में बैठा कर में जमीन दिखलाने के लिए मेडिकल कॉलेज रोड जा रहे थे. महिला इतवारी बाजार क्षेत्र की बतलाई जा रही है. जो वहीं से कार में सवार होकर जा रही थी. चक्रपथ मरीन ड्राइव में भरे पानी में उतरकर कार जब बहने लगी तो घरेलू कामकाज करने वाली महिला अपने सेठ को कार में बहने दिया गया. उसके द्वारा घटनास्थल पर किसी भी तरह का शोर शराबा,हो हल्ला,न मचा कर मौके से तुरंत गायब हो जाना वाला बयान दर्ज करवाना किसी के भी गले नहीं उतर रही है. अखबार के अनुसार सेठ अपनी महिला कर्मचारी को जमीन दिखलाने ले जा रहा था. क्या महिला कर्मचारी मेडिकल कॉलेज क्षेत्र की मुंह मांगे कीमत पर बिकने वाली जमीन खरीदने में समर्थ है और फिर जमीन पर निर्माण करवाने में भी सक्षम हो सकती है.महिला के कथन के बाद पुलिस के द्वारा महिला के संबंध में पूरी जानकारी किस कारण छिपा दी गई ? और नियम कानून की मजबूरी बतलाई गई.जबकि अनेक मामलों में पुलिस के द्वारा महिला का नाम,पता,फोटो बतलाने वायरल करने में नियम,कायदे,कानून आदि क्यों आड़े नहीं आते. पुलिस के द्वारा मुखबिरों,खबरीलालो की सहायता से सफलता का स्वाद रखा जाता है परंतु,निडर, निष्पक्ष, निर्भीक, बेबाक,बेखौफ मीडिया वाले पुलिस से पहले ही मामले की तह तक पहुंच जाया करते हैं.






