🌀 टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम रायगढ़ पिछले चुनाव में भी गृह मंत्री अमित शाह खरसिया आए थे और बंद बस में रमन और शाह ने बैठकर न जाने ऐसा क्या गुरु मंत्र दिया था कि चुनाव जीत रहे ओ पी चुनाव हार गए. फिर वही कहानी दोहराने अमित शाह और रमन सिंह अबकी बार रायगढ़ आ रहे है. रायगढ़ विधानसभा के मतदाताओं को गर्व होना चाहिए कि हमारे विधायक प्रकाश नायक का विरोध करने केंद्रीय स्तर के मंत्री नेता आ रहे हैं और स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो तीन बार आकर चले गए हैं ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश नायक की जीत को भाजपा आला कमान भी सुनिश्चित मान रही है. इतिहास अपने आप को दोहराता है पिछले चुनाव में भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों ने खरसिया विधायक उमेश पटेल को हराने का भरपूर प्राप्त किया था किंतु प्रदेश संगठन और जिला भाजपा के कंडावर नेताओं के द्वारा अंदर ही अंदर भाजपा प्रत्याशी के लिए गड्ढा खोद दिया जिस वजह से खरसिया विधायक बनने वाले ओपी चौधरी को हार का सामना करना पड़ा था. पूरी फिल्म जस की तस है. केवल फिल्मांकन की जगह खरसिया से बदलकर रायगढ़ कर दिया गया है और हीरो की भूमिका में उमेश नंद कुमार पटेल के स्थान पर प्रकाश शक्राजित नायक को स्थान दिया गया है.
दूर की सोच है भाजपा आला कमान की.. भाजपा ने रायगढ़ विधानसभा के कांग्रेस विधायक प्रकाश नायक को कमजोर विधायक आंककर रायगढ़ सीट को सुरक्षित समझकर ओपी चौधरी को यहां से चुनाव लडवा कर एक सीट जीतने का सपना देख लिया था.भाजपा का मकसद पिछली बार से अधिक सीटों पर कब्जा करने का है.भाजपा चाहती है कि एक बार पुनः रायगढ़ सीट उसकी झोली में आ जाए तो बदामी होने वाले लोकसभा चुनाव में ओ पी चौधरी को सामान्य सीट से संसद का चुनाव लडवाकर दिल्ली ले जाया जाए ताकि ओ पी चौधरी का छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनने का सपना चूर चूर किया जा सके. रायगढ़ विधानसभा चुनाव हारने के पश्चात ओ पी को खराब प्रदर्शन के कारण संसद से ही वंचित कर दिया जाए.ताकि अमरु,बिरजू,राजू,रमन आदि को खुश रखा जाए.






