🌀टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम रायगढ़ …. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रायगढ़ आने और उनके व्यवहार से भाजपायों में छाई मायूसी. अतिविश्वत भाजपा से संबंधित सूत्रों नाम न छापने की शर्त पर से मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ के जिंदल एयरपोर्ट पर जब अमित शाह का हवाई जहाज उतरा तो उपस्थित भाजपा, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा के सदस्यों में दुगनी गति से रक्त संचार हो गया परंतु जब अमित शाह से मिलने की बारी आई तो अमित शाह की सिक्योरिटी में लगे गार्ड ने स्पष्ट रूप से इनकार करते हुए उन्हें रोक दिया गया. भाजपा के द्वारा सर्व समाज के मठाधीशों को अमित शाह से मिलवाने के लिए जिंदल एयरपोर्ट ले जाया गया था. मगर अमित शाह ने एयरपोर्ट पर उपस्थिती कम देखकर समाज के लोगों से मिलने के लिए इंकार कर दिया. जिस कारण सभी समाज को स्वयं बेइज्जत महसूस करते हुए. खून का घूंट पीते और भाजपा को बुरा भला कहते अपमानित होकर उल्टे पांव लौट गए.भाजपा के द्वारा आरपीएफ के जवानों को 70 लोगों के अमित शाह से मिलने की सूची दी थी. जब मिलने की बारी आई तो जवानों ने सबको बाहर रोक दिया गया. जिसके समाचार मिलने पर रायगढ़ विधानसभा से कमल छाप के प्रत्याशी ओ पी चौधरी पहुंचे और गार्ड को मिलने वालों की सूची सौपना बताया गया. ड्यूटीरत गार्ड ने ओ पी बात अनसुनी करते हुए। किसी को भी मिलने जाने की इजाजत नहीं दी गई। इस पर आप चौधरी और गार्ड के बीच गरमा गरम बहस हुई परंतु आप की कोई सुनवाई नहीं हुई.यहां तक की एयरपोर्ट पर उपस्थित भाजपा महिला मोर्चा की सदस्यों को भी बाहर ही रोक दिया गया. जिसके बाद युवा मोर्चा के सदस्यों अमित शाह से मिलने मिलने की भरपूर कोशिश की गई. अपनी सारी युक्तियां अपनाई गई परंतु सुरक्षा व्यवस्था में तैनात गार्डों ने यह महसूस करवा दिया की वे रायगढ़ की लोकल पुलिस नही है.
इतने सारे हंगामा के बाद युवा मोर्चा ने भाजपा जिला अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए वाद विवाद विरोध करना शुरू कर दिया गया. अमित शाह से मिलने के लिए उपलब्ध करवाए गए पास को फाड़ते हुए. युवा मोर्चा के सिक्ख युवक ने कह दिया की उन्हें पास की जरूरत नही है। अगली बार से वे अपने दम पर मिल लिया करेंगे. इन सब ड्रामेबाजी के बाद जब जिला अध्यक्ष आकर सबको समझाने का प्रयास करें तो उन्हे सभी की जली कटी बातों को सुनना पड़ा. अमित शाह रोड शो के दौरान भीड़ कम होना इस बात का जीता जागता परिणाम है. ऊपर से मुस्कान बिखरते चेहरे के पीछे कितनी बड़ी पीड़ा छीपी थी. उसे मुस्कुराता हुआ व्यक्ति ही समझ सकता था.
युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, भाजपा की नजरों में जिला अध्यक्ष के प्रति कितना मान सम्मान है. वह कल एयरपोर्ट पर उपस्थित हमारे जासूसों के द्वारा अपनी आंखों से देखा गया.
बाकी रही सही कसर अमित शाह ने भाषण के दौरान ओ पी चौधरी को बड़ा आदमी बनाने कह कर पूरी कर दी. जनप्रतिनिधि जनता का सेवक होता है जिसे जनता अपनी सेवा करवाने की खातिर चुनती है. हिंदुस्तान में कोई भी बड़ा व्यक्ति नहीं है यहां समान अधिकार है.समान कानून है. मतदान करने का अधिकार देश के राष्ट्रपति को भी है और जो सड़कों पर बैठकर भीख मांगता है उसको भी है. तो छोटा और बड़ा का अंतर अमित शाह किसे समझते है. इस प्रश्न का उत्तर देश का प्रत्येक नागरिक जानना चाहता है. हिंदुस्तान में केवल राष्ट्रपति को छोड़कर सभी शासकीय कर्मचारी जनता के नौकर और सभी जनप्रतिनिधि सेवक माने जाते हैं. गृह मंत्री स्वयं को यदि बड़ा मन तो यह उनकी छोटी मानसिकता हो सकती है क्योंकि मतदाता कब किसको अर्श से फर्श पर ला दे इसका कोई निश्चित समय नहीं होता है. लोकतंत्र प्रजातंत्र में सब समान है.
भाजपा में दिनों दिन अंतर्कलह बढ़ता ही जा रहा है. इन दोनों भाजपा युवा मोर्चा महिला मोर्चा के सदस्य जिला अध्यक्ष उमेश अग्रवाल की बात को अनसुनी करते हुए पूर्व विधायक निलंबन समाप्ति के पश्चात पुनः भाजपा में आए विजय अग्रवाल की बातों को तवज्जो देने लगे हैं. सूत्र यह बतलाते हैं कि पूर्व में चुनाव संचालन की बागडोर राजस्थान से आए विधायक एवम उमेश अग्रवाल के द्वारा संचालित की जा रही थी. मगर अब चार बार में से तीन बार चुनाव हार चुके विजय अग्रवाल के द्वारा चुनाव संचालन किया जा रहा है जिस वजह से पूरा भाजपा संगठन विजय अग्रवाल के मुताबिक चलने पर लाचार है. इसलिए टीवी छाप के समर्थकों के खेमे में खुशी छाई हुई है.





