🔥टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम रायगढ़ … रायगढ़ विधानसभा में शांतिपूर्ण ढंग से चल रहे मतदान के बीच सरिया नगर पंचायत के ग्राम पंचधार में बहुत बड़ी अप्रिय स्थिति कांग्रेसियों के चुप रहने पर होते-होते टल गई. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा प्रत्याशी स्वयं पंचधार गांव में पहुंचकर पोलिंग बूथ के अंदर जाकर लाइन में लगे मतदाताओं से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील करने लगे. जिसका विरोध पोलिंग बूथ में बैठे पोलिंग एजेंटो के द्वारा किया गया एवम फोन के माध्यम से विधायक प्रतिनिधि कमल प्रधान, विधायक के छोटे भाई जिला पंचायत सदस्य कैलाश नायक को दी गई. जिसके बाद इन दोनों के साथ कांग्रेसी कार्यकर्ता भी गांव पहुंच गए. सूत्रों ने बतलाया कि कांग्रेसी लोगों के गांव पहुंचने से पहले ही भाजपा प्रत्याशी ओ पी चौधरी के द्वारा कुछ बीजेपी कार्यकर्ताओं को पेट भर शराब पिलाकर पूर्ण रूप से टुन्न कर दिया गया. जब कांग्रेसी कार्यकर्ता गांव पहुंचे तो मदहोश हो चुके भाजपा कार्यकर्ता गाली गलौज पर उतारू हो गए हैं और उन्हें गांव से बाहर निकल जाने की धमकी देते हुए. कांग्रेस पार्टी मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए. यह कृत्य आचार संहिता का उल्लंघन करने एवं शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के दायरे में आता है. मौके पर उपस्थित ओपी चौधरी अत्यधिक खुशी के रूप में कमरे में कैद हो गए. गोपी चौधरी की कुटिल मुस्कुराहट यह बतलाती है कि इन हंगामें के सूत्रधार वे ही है. अत्यधिक बवाल होता देख पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों के द्वारा हस्तक्षेप कर मामले को शांत करवाया गया. ओपी चौधरी ने अपनी सफाई में कहा कि वे पोलिंग बूथ के अंदर गए थे किंतु उन्होंने किसी से अपने पक्ष में वोट डालने हेतु नहीं कहा गया. कांग्रेसियों की छुट्टी पर पंचधारा के सरपंच भी ओ पी चौधरी के पक्ष में हो हल्ला कर, चिल्लाना शुरू कर दिया गया.
आज घटे इस घटनाक्रम के माध्यम से ओपी चौधरी ने यह जतला दिया गया कि उनमें कलेक्ट्री का असर अभी तक बाकी है. वे खरसिया विधानसभा से आकर रायगढ़ विधानसभा से चुनाव लड़कर नायक परिवार के क्षेत्र में आकर भी नायक परिवार एवं ग्रामीणों के मध्य विवाद करवा सकते हैं. जिसे नायक परिवार को एक खुला चैलेंज देना माना जा सकता है. ओ पी चौधरी ने यह साबित कर दिया कि वे साम, दाम, दंड, भेद,सब में सक्षम है.इसे कह सकते हैं कि जगह भी तुम्हारी, आदमी भी तुम्हारे, मगर होगा वही जो मैं चाहूंगा. तुम्हारी जगह पर तुम्हारे आदमियों के सामने रुतबा मेरा ही रहेगा. ओ पी के इस कृत्य से चौधरी एवं नायक के बीच कटुता बढ़नी सुनिश्चित है. सूत्र यह बतलाते हैं कि घटनाक्रम के मध्य में विधायक प्रतिनिधि कमल प्रधान और ओ पी चौधरी के बीच गरमा गरम बहस के साथ अश्लील गलियों का आदान-प्रदान भी हुआ. कांग्रेसियों के द्वारा शांत होकर वापस लौट जाने की वजह से विवाद शांत हो गया और उग्र रूप एवम हिंसक होने से बच गया और भाजपा के अरमान अधूरे रह गए.
