⭐ टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम रायगढ़ … जिस व्यक्ति के कथन कहर बनकर टूट पड़ूंगा,विधायक न बनने पर भी पावरफुल रहूंगा, तरह के व्यक्ति को जनप्रतिनिधि के रूप में चुना जाना कितना सही होगा ? इस तरह से कहने को समान्य न मानकर अघोषित धमकी माना जाना चाहिए. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आकर आग में घी डालते हुए कह दिया कि आप लोग ओमप्रकाश चौधरी को विधायक बनाओ फिर इसे मैं बड़ा आदमी बना दूंगा. अमित शाह की बात सुनकर भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, समर्थक सकते में आ गए. अमित शाह यह बात छत्तीसगढ़ की जिस विधानसभा में भी आमसभा संबोधित करने गए वहां पर जनता के सामने यही बात बोली गई. इसलिए कमल छाप चुनाव चिन्ह से विधायक का चुनाव लड़ने वालों के मन में अमित शाह के प्रति कोई अच्छा संदेश नहीं गया है.
पिछला चुनाव २०१८ में खरसिया विधानसभा से हारने वाले ओ पी चौधरी ने हार के बाद से ही सन 2023 में रायगढ़ विधानसभा से चुनाव लड़ने का मन बना लिया था. खरसिया की राजनीति छोड़कर चौधरी ने रायगढ़ विधानसभा में ध्यान देना शुरू कर दिया एवं 5 साल के भीतर भाजपा के द्वारा कांग्रेस सरकार के विरोध में जो भी धरना ,प्रदर्शन, आंदोलन किया गया. उन सभी में चौधरी उपस्थित रहने लगे और धीरे-धीरे करके भाजपा के युवा कार्यकर्ताओं,महिलाओं मोर्चा की सदस्यों को अपनी ओर खींचने लगे और अपने पैर रायगढ़ की राजनीति में जमाते चले गए.यहां तक की जिला भाजपा संगठन के पदाधिकारी पर भी अपनी छाप छोड़नी शुरू कर दी. महीना, 15 दिन में जिला भाजपा कार्यालय में किसी न किसी बहाने से प्रेस वार्ता का आयोजन कर ओ पी मीडिया में शामिल होने वाले चेहरो को पहचान कर कभी कुछ कभी कुछ टुकड़ा फेंकना शुरू कर दिया. जिस वजह से चौधरी मीडिया में छाने लगे. खरसिया चुनाव के दौरान उनके द्वारा कुछ मीडिया वालों को इतना अधिक नजराना दे दिया. जो उनके लिए अपचनीय हो गया. वे २–४ मीडिया वाले संगठित होकर लाइट, एक्शन, कैमरा के साथ भाजपा कार्यालय में हाजिरी बजाने के लिए मजबूर हो गए. जिनके चेहरो को रायगढ़ की मीडिया बिरादरी अच्छे से जानती पहचानती है.इनको अनेकों बार बायंग ग्राम में भी देखा गया है.
ओपी चौधरी ने साधी हुई राजनीति करते हुए जिला भाजपा के कुछ पदाधिकारीयों को विधानसभा से टिकट दिलवाने सब्ज बाग दिखलाते हुए धोखे में रखकर स्वयं के चुनाव लड़ने से ऊपरी तौर पर दिखावे के लिया मना किया जाता रहा. जिस वजह से कुछ अति उत्साही लोगो ने अपना प्रचार प्रसार करने के लिए रुपए की गंगा बहाई जाने लगी और ग्रामीण क्षेत्रों में अपना प्रचार प्रसार शुरू कर दिया गया था. भाजपा के द्वारा जारी की जाने वाली सूची में अपना नाम तय समझकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोड़ा तराई आगमन पर झंडे बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स, होर्डिंग,वाहन, शक्ति प्रदर्शन के लिए रुपए देकर ले गए जनबल पर धन बल के प्रभाव का दिखावा करने में लाखो रुपए फूंक दिए गए. जिसे देखकर आम जनता भी उन्हें विधायक का प्रत्याशी मानने लगी थी. अमित शाह के रायपुर आगमन पर शक्ति प्रदर्शन के लिए रायगढ़ से दर्जनों वाहन ले जाए गए थे. शायद इसलिए की उनकी टिकट लगभग फाइनल की जा चुकी है परंतु जब भाजपा के द्वारा प्रत्याशियों की सूची जारी की गई तब अपनी विधायकी की आस लगाए बैठे लोगों के पैरों तले जमीन सरक गई क्योंकि लिस्ट में इकलौता नाम ओमप्रकाश चौधरी का था.
शहर का युवक है प्रकाश नायक… रायगढ़ विधायक कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश नायक शहर के गजानंदपुरम कॉलोनी स्थित अपने आवास में निवास करते हैं एवं आवास में ही बनाए गए अपने कार्यालय में सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक जन समस्याओं को निपटाने के लिए प्रतिदिन उपलब्ध रहते हैं. दोपहर के बाद में ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर जन समस्याओं को सुनते हैं एवं उन्हें दूर करने का प्रयास करते हैं. प्रकाश नायक एक कुशल राजनीतिज्ञ है राजनीति उन्हें विरासत में मिली है. इनके पिता पूर्व विधायक मंत्री स्वर्गीय डॉक्टर शक्राजित नायक सर्वश्रेष्ठ विधायक के रूप में चुने गए थे. जिस कारण से रायगढ़ का नाम पूरे मध्य प्रदेश में छत्तीसगढ़ में रोशन हुआ था. भाजपा के 15 साल के कुसाशासन में रायगढ़ जिले की पूरी सड़के खराब हो कर गढ्ढों में बदल चुकी थी. प्रकाश नायक के निवेदन पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा दो बार 10 10 करोड रुपए की धनराशि स्वीकृति प्रदान कर पूरे शहर की सड़कों का कायाकल्प करवाया गया. सब्जी मंडी संजय कंपलेक्स के निर्माण के लिए 14 करोड रुपए की राशि स्वीकृत हो चुकी है जाएगा. इसी तरह उर्दना के पास हाईटेक बस स्टैंड के हेतु 6 एकड़ की जमीन अधिकृत की जा चुकी है जिस पर भी कार्य शुरू होना बाकी है. शहर के चारों तरफ रिंग रोड का निर्माण किया जाना है, केलो नहर तमाम विरोधों के बावजूद उड़ीसा सीमा तक बनाई जा चुकी है. जिसका लाभ कृषकों को मिलना शुरू हो जाएगा. शहर के लिए नासूर बन चुके नगर पालिका निगम के गेट के सामने से गांधी चौक तक बीच सड़क पर लगाई गई रेलिंग हटाई जाएगी. शहर के विकास हेतु अनेकों तरह के कार्य करवाए जाने हैं. जिनमे प्रकाश नायक के पुनः चुनाव जीतने के बाद तेजी लाई जाएगी. सुभाष चौक से लाल टंकी, केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड, हंडी चौक तक किसी का भी एक इंच का भी कब्जा नहीं हटाया जाएगा. उक्त कार्य तभी संभव होंगे जब रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक होंगे. किसी अन्य को विधायक चुन लेने पर शहर का विकास 10 वर्ष पीछे हो जाएगा क्योंकि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होगी और रायगढ़ विधायक विपक्ष का होगा तो प्रदेश सरकार किसी भी तरह की धनराशि आबंटित नहीं करेगी. यह सोचकर मतदाताओं को कांग्रेस सरकार के पक्ष में मत देना फायदेमंद होगा अन्यथा आपके वोट की कोई अहमियत नहीं रह जाएगी और आपका वोट खराब हो जाएगा. भविष्य में आपको यदि कोई कार्य प्रकाश नायक से पड़ जाने पर उनके पास जाने से क्या स्वयं का मन का गवाही देगा. अगर विपक्ष का विधायक बन जाता है तो अपने कार्य के लिए उसे कहां ढूंढा जाएगा ? रायगढ़,बायंग,रायपुर,दिल्ली या कहीं और ? इसलिए मतदाताओं से निवेदन है कि वोट देने से पूर्व एक बार अपने मन में अच्छे से विचार कर लें की आपको जनसेवक चाहिए या नियम कानून की दुहाई देने वाला अधिकारी चाहिए.




