🎤 टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम रायगढ़ … यदि चुनावी विश्लेषण को माना जाए तो छत्तीसगढ़ प्रदेश में इस बार पुनः कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है. मतदान का प्रतिशत इतना अधिक हो गया की सभी के विश्लेषण डगमगाने लगे हैं. आम जनता के अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं. जनता के अनुसार कांग्रेस दो तिहाई सीट जीत कर सरकार बनाने जा रही है. जिसका प्रमुख कारण मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा की गई घोषणाओं को माना जा रहा है एवम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने पद पर बने रहेंगे. वहीं दूसरी तरफ भाजपा समर्थक अत्यधिक मतदान के प्रतिशत को सत्ता परिवर्तन वाला मतदान मान रहे हैं. विश्लेषकों के अनुसार प्रदेश में कांग्रेस की 68 से 72 के बीच सीटें आ रही है. इन विश्लेषणों के बाद प्रदेश के उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव (बाबा) के मन में मुख्यमंत्री बनने की लालसा उत्पन्न हो गई है.बाबा ने निजी चैनल के सामने अपनी इच्छा जाहिर कर दी है. बाबा ने कहा कि यदि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा तो इतने वर्षों से राजनीति करना बेकार है. भविष्य में वे विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे. मगर कांग्रेस हाई कमान के दिशा निर्देशो का पालन करेंगे.
सन 2018 में ढाई ढाई साल के मुख्यमंत्री के आश्वासन पर ठगा चुके बाबा इस बार पुनः न ठगाए जा सके। इसलिए उन्होंने अपनी मंशा जाहिर कर दी है। मगर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पक्ष में विधायकों की लंबी चौड़ी फौज है जिस वजह से कांग्रेस हाई कमान भी बघेल का ही राजतिलक करेंगे. मुख्यमंत्री पद के लिए आपसी प्रतिस्पर्धा बढ़ जाने के बाद शक्ति प्रदर्शन के द्वारा मुख्यमंत्री चुना जाएगा. जिसमें बघेल को एक तरफा विधायकों का समर्थन मिलना सुनिश्चित है.
भाजपा में मच जाएगी कलह, हिंसक भी हो सकते हैं भाजपाई… यदि खुदा ना खास्ता, गलती से भी भाजपा के अधिक विधायक आ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के द्वारा जोड़ तोड़ खरीद फरोख्त के माध्यम से भाजपा की सरकार बनाने का प्रयास किया जाएगा और यदि इस तरह के हालात निर्मित होंगे तो भाजपा में मुख्यमंत्री पद को लेकर आपसी मतभेद सार्वजनिक हो जाएंगे. डॉ रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, अमर अग्रवाल,ओ पी चौधरी,आदि कद्दावर नेताओ के बीच खींचतान होनी स्वाभाविक हो जाएगी.






