छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ओपेरा कार्यक्रम की आड़ में अश्लील नृत्य हुआ। सबसे हैरानी वाली बात यह है कि यह सब एसडीएम की उपस्थिति में हुआ।
मामला देवभोग थाना क्षेत्र के उरमाल गांव का है, जहां आयोजित कार्यक्रम में कथित तौर पर अश्लील डांस हुआ। इस पूरे प्रकरण में प्रशासनिक लापरवाही भी उजागर हुई है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू की है।
क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार उरमाल गांव में 6 दिवसीय ओपेरा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। आयोजन के लिए ओडिशा से डांसरों को आमंत्रित किया गया था। 8 जनवरी से कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटने लगी और देर रात तक मंच पर नृत्य चलता रहा। आरोप है कि कलाकारों ने मंच पर अश्लील अंदाज में प्रस्तुति दी, जिस पर दर्शकों द्वारा खुलेआम पैसे लुटाए गए।
एसडीएम के लिए सामने की सीट
मामला तब और गंभीर हो गया जब 9 जनवरी की रात मैनपुर एसडीएम तुलसी दास मरकाम कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। आरोप है कि आयोजकों द्वारा उनके लिए आगे की सीट आरक्षित की गई थी और रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक चले कार्यक्रम के दौरान अश्लील नृत्य होता रहा। इस दौरान एसडीएम की मौजूदगी को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए।
10 जनवरी को कार्यक्रम से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देवभोग पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने चार युवकों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है। वहीं लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया गया है। इसके साथ ही आयोजक समिति से जुड़े 13 अन्य लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। सभी मामलों में पुलिस जांच जारी है।
हटाए गए एसडीएम
इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एसडीएम तुलसी दास मरकाम कार्यक्रम स्थल के पास मौजूद दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
कलेक्टर के आदेश पर मैनपुर एसडीएम तुलसी दास मरकाम को पद से हटा दिया गया है तथा उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि आयोजन की अनुमति देने और कार्यक्रम के संचालन में गंभीर लापरवाही बरती गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने अपर कलेक्टर के नेतृत्व में एक जांच समिति का गठन किया है। समिति पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट आयुक्त को सौंपेगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।




